
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब रानीपुर विधानसभा के बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंटों को देहरादून में अपनी “तरबूज-खरबूज पार्टी” में बुलाकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
बीएलए के तौर पर कार्यकर्ताओं को बुलाना गलत नहीं है, लेकिन केवल रानीपुर विधानसभा के ही बीएलए को ही इस खास दावत में आमंत्रित किया गया है मजेदार बात यह है कि इस विधानसभा के पूर्व प्रत्याशियों से लेकर संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष और विधानसभा दावेदारों को न्योता भी नहीं दिया गया।
यही वजह है कि हरदा की इस तरबूज खरबूज पार्टी से पहले ही कांग्रेस में रायता फैल गया है। ऐसा बताया गया है कि हरीश रावत और वीरेंद्र रावत इस पार्टी के आयोजक है। अब कोई समझ नहीं पा रहा है कि पिता पुत्र मिलकर कौन सी नई खिचड़ी बना रहे हैं, लेकिन कयासबाजी पर गौर करें तो हरीश रावत ने अपने पुत्र वीरेंद्र रावत को विधिवत रूप रानीपुर सीट से मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है।
रानीपुर विधानसभा के 225 बीएलए को “तरबूज खरबूज पार्टी में देहरादून बुलाने का इससे बड़ा कारण फिलहाल कोई नजर नहीं आ रहा है। लेकिन अगर वास्तव में ऐसा है तो आने वाले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले में कांग्रेस की जमीन सरकने से कोई नहीं रोक सकता। हरीश रावत अभी तक अपने एक बेटी को हरिद्वार ग्रामीण से विधायक बनवाकर पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ चुके हैं।
यदि वह अपने बेटे को भी हरिद्वार लाते हैं तो पार्टी में बगावत कोई नहीं रोक पाएगा। देखने वाली बात यह है कि मिशन 2027 का नारा देने वाले प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह जैसे सूरमा अब हरदा के इस रायते को कैसे समेटते हैं।



