
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: रानीपुर और कनखल क्षेत्र में हुई लूट की वारदातों में फरार चल रहे 25 व पांच हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पुलिस, एसओजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे थे। मुखबिर तंत्र और सर्विलांस से मिले इनपुट के आधार पर एसओजी हरिद्वार, कनखल थाने की पुलिस और एसटीएफ उत्तराखंड की टीम ने दोनों बदमाशों को रोशनाबाद कोर्ट के समीप घेराबंदी कर दबोच लिया।
एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि 22 अक्टूबर 2025 को ज्वालापुर क्षेत्र के सराय निवासी सचिन के साथ कनखल में मारपीट कर उसकी पल्सर बाइक लूट ली गई थी। जांच में भानू प्रताप उर्फ गुड्डू निवासी हस्तिनापुर मेरठ, राहुल कश्यप और सौरभ कश्यप निवासी मवाना, मेरठ के नाम सामने आए। भानु प्रताप रानीपुर क्षेत्र में मनी ट्रांसफर केंद्र संचालक से हुई लाखों की लूट की वारदात में भी शामिल पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने इनकी तलाश तेज कर दी थी।
घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। गिरफ्तारी नहीं होने पर भानू प्रताप 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जबकि राहुल कश्यप की गिरफ्तारी पर 5000 का इनाम घोषित था। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी इंस्पेक्टर नरेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
दूसरी तरफ एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के निर्देशन में भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर शिशुपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में कनखल पुलिस, एसओजी और एसटीएफ उत्तराखंड की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम ने मुखबिर की सूचना पर कोर्ट रोड में दबिश देकर भानू प्रताप और राहुल कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी सौरभ कश्यप अभी फरार है, जिसकी तलाश में दबिश जारी है।
अपराधिक इतिहास….
भानू प्रताप उर्फ गुड्डू: हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट व लूट समेत हरिद्वार और मेरठ में कई मुकदमे दर्ज।
राहुल कश्यप: कनखल थाने में लूट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज।
पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह (थाना कनखल), एसओजी प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह, एसटीएफ एएसआई मनोज बेनीवाल, एसओजी कांस्टेबल हरवीर सिंह, नरेंद्र, मनोज, रवि पंत और दीपक चंदोला शामिल रहे।



