अपराधहरिद्वार

“ड्रीम सिटी कॉलोनी में करोड़ों की जमीन और एफडीआर घोटाले का आरोप, मृतक बिल्डर व अधिवक्ता विर्क की पत्नी ने रवि चौहान पर दर्ज कराई एफआईआर..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: शहर की चर्चित ड्रीम सिटी आवासीय कॉलोनी परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। मृतक बिल्डर व अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की पत्नी ने अपने पति के पूर्व साझेदार रवि चौहान पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये की एफडीआर हड़पने, जमीन कब्जाने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक, ज्वालापुर के सुभाष नगर निवासी रिचपाल कौर विर्क ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि उनके पति स्वर्गीय सुरेन्द्र पाल सिंह विर्क और रवि चौहान पुत्र करण सिंह पूर्व में पार्टनरशिप में प्रॉपर्टी डीलिंग और बिल्डर का कार्य करते थे। दोनों ने वर्ष 2013-14 में ग्राम रानीपुर और ज्वालापुर क्षेत्र की भूमि पर “ड्रीम सिटी” नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की थी। कॉलोनी का लेआउट हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से 17 जून 2014 को स्वीकृत कराया गया था।तहरीर के अनुसार परियोजना से संबंधित सुरक्षा राशि के तौर पर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में कुल 23.17 लाख रुपये की पांच एफडीआर जमा कराई गई थीं। इन एफडीआर में पांच-पांच लाख रुपये की चार और 3.17 लाख रुपये की एक एफडीआर शामिल थी। रिचपाल कौर ने बताया कि वर्ष 2015 में उनके पति सुरेन्द्र पाल सिंह विर्क की असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद वह और उनके दोनों बेटे योरावर सिंह विर्क तथा सशवीर सिंह विर्क कानूनी वारिस बने। आरोप है कि इसी दौरान रवि चौहान ने धोखाधड़ी और कूट रचना कर उनके नाम से फर्जी शपथपत्र तैयार कराया और उस पर हिंदी में फर्जी हस्ताक्षर बनाकर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में जमा कर दिया।शिकायत में कहा गया है कि 8 जनवरी 2016 को लगाए गए इसी कथित फर्जी शपथपत्र के आधार पर रवि चौहान ने 13.17 लाख रुपये की एफडीआर अपने पक्ष में अवमुक्त करा ली और बाद में रकम अपने बैंक खाते में कैश करा ली। प्रार्थिनी का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी हाल ही में तब हुई जब वह ड्रीम सिटी कॉलोनी से संबंधित जानकारी लेने विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं।रिचपाल कौर ने यह भी आरोप लगाया कि रवि चौहान ने उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाकर अन्य कई जमीनों पर भी कब्जा कर लिया। आरोप है कि 23 अप्रैल 2026 को जब वह इस मामले में जानकारी लेने हरिद्वार पहुंचीं तो रवि चौहान और उसके पुत्र ऋषभ चौहान ने बाडीगार्डों के सामने उन्हें धमकाया और जमीन भूल जाने की बात कहते हुए जान से मरवा देने की चेतावनी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। जिस पर पुलिस ने आरोपी रवि चौहान व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दस्तावेजों और एफडीआर रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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