
पंच👊नामा
पिरान कलियर: हरिद्वार जनपद की कलियर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक सराहनीय कार्यवाही करते हुए नागपुर से लापता चल रही नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों से मिलवा दिया। तीन महीने से घर से नाराज होकर भटक रही बच्ची पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता के चलते गलत हाथों में जाने से बच गई। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार जताया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पूरे जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों, बाहरी लोगों और होटलों-ढाबों का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान कलियर पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी।
प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी के नेतृत्व में कलियर पुलिस टीम नई बस्ती क्षेत्र में होटल सत्यापन अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक नाबालिग लड़की संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई दिखाई दी। पूछताछ करने पर बच्ची कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, जिस पर पुलिस उसे संरक्षण में लेकर थाने ले आई।
महिला पुलिसकर्मियों द्वारा काउंसलिंग और गहन पूछताछ के बाद बच्ची ने एक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। नंबर पर संपर्क करने पर पूरी कहानी सामने आई। पता चला कि नाबालिग बच्ची दिनांक 04 फरवरी 2026 से नागपुर के कामठी थाना क्षेत्र स्थित आनंदनगर इलाके से लापता थी और इस संबंध में थाना कामठी में अपहरण संबंधी मुकदमा भी दर्ज था।
कलियर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल नागपुर पुलिस और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद बाल कल्याण समिति की मदद से बच्ची को सकुशल उसके परिजनों और थाना कामठी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशील कार्रवाई से एक मासूम बच्ची संभावित खतरे से सुरक्षित बच गई।
पूरे घटनाक्रम में हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी की अहम भूमिका रही, जिन्होंने बच्ची से बातचीत कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में सहयोग किया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी, महिला उपनिरीक्षक विशाखा असवाल, हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी व महिला होमगार्ड गीता गिरी शामिल रही।



