“क्राइम मीटिंग में कप्तान के सख्त तेवर, बोले- अपराधियों में दिखना चाहिए पुलिस का खौफ..
तस्करों पर शिकंजा कसने के निर्देश, चारधाम यात्रा और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी फोकस, उत्कृष्ट पुलिसिंग पर 26 पुलिसकर्मी बने ‘मैन ऑफ द मंथ’..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: haridwar पुलिस कप्तान नवनीत सिंह ने अपराध, नशा तस्करी, चारधाम यात्रा सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर साफ संदेश दिया है कि जनपद में अपराधियों के लिए अब कोई नरमी नहीं होगी। माह अप्रैल की अपराध गोष्ठी में कप्तान के तेवर बेहद सख्त नजर आए, जहां एक ओर नशा तस्करों और बड़े सप्लायर्स पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी ओर शानदार कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए “पुलिस मैन ऑफ द मंथ” सम्मान की घोषणा कर पूरी फोर्स को नई ऊर्जा दी गई।
हरिद्वार पुलिस लाइन में आयोजित अपराध गोष्ठी में कप्तान ने स्पष्ट कहा कि “नशे की पूरी चैन तोड़ो, कोई पैडलर या सप्लायर गिरफ्तारी से बचना नहीं चाहिए। ”उन्होंने सभी सर्किल अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीपीएस मामलों में केवल छोटी कार्रवाई नहीं, बल्कि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कप्तान ने यह भी कहा कि जघन्य अपराधों में अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखाई देना चाहिए।
बैठक में चारधाम यात्रा को लेकर भी विशेष रणनीति बनाई गई। एसएसपी ने कहा कि यात्रा अब धीरे-धीरे चरम की ओर बढ़ रही है, ऐसे में पुलिस, यातायात और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्गों पर लगातार गश्त और पेट्रोलिंग रहे ताकि दुर्घटना या जाम की स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत राहत मिल सके। वीकेंड पर शहर से लेकर देहात तक यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए थाना और ट्रैफिक प्रभारियों को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश भी दिए गए।
गोष्ठी में ऑपरेशन प्रहार के तहत जनपद पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की कप्तान ने खुलकर सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह अभियान मोड में कार्रवाई जारी रखने की अपेक्षा जताई। साथ ही सीनियर सिटीजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए थाना व हल्का प्रभारियों को समय-समय पर उनके घर जाकर संवाद करने और जरूरी हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
समर सीजन में बढ़ते आगजनी के मामलों को देखते हुए फायर यूनिट को भी अलर्ट मोड में रहने के आदेश दिए गए। कप्तान ने साफ कहा कि आग लगने की सूचना पर तत्काल रिस्पॉन्स हो, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों पर लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण और शिकायती प्रार्थना पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश भी दिए गए। अपराध गोष्ठी में निशा यादव, अभय सिंह, शेखर चंद्र सुयाल समेत जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
इसी दौरान उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और सराहनीय सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करते हुए “पुलिस मैन ऑफ द मंथ” के लिए 26 कर्मियों का चयन किया गया। हरिद्वार पुलिस का मानना है कि बेहतर कार्य करने वालों का सम्मान ही पूरी फोर्स का मनोबल बढ़ाता है। सम्मानित होने वालों में कोतवाली नगर से हेड कांस्टेबल संजीव राणा, थाना कनखल से कांस्टेबल जितेन्द्र राणा, थाना श्यामपुर से हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, ज्वालापुर से कांस्टेबल दिनेश कुमार, बहादराबाद से कांस्टेबल नितुल यादव, रानीपुर से कांस्टेबल अजय कुमार और सिड़कुल से हेड कांस्टेबल संजय शामिल रहे।
इसके अलावा गंगनहर कोतवाली से उपनिरीक्षक मनीष कवि, उपनिरीक्षक रघुवीर सिंह और हेड कांस्टेबल अलीयास, कलियर से महिला कांस्टेबल सरिता, लक्सर से उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी, हेड कांस्टेबल पंचम प्रकाश और विनोद कुमार को भी सम्मानित किया गया। मंगलौर, अभियोजन कार्यालय, फायर स्टेशन, पुलिस दूरसंचार, ट्रैफिक रुड़की, सीपीयू, सीआईयू, एलआईयू, डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट के कर्मियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित किया गया।
हरिद्वार पुलिस का यह संदेश साफ है कि एक तरफ अपराध और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी, वहीं दूसरी ओर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से काम करने वाले पुलिसकर्मियों को खुलकर सम्मान भी मिलेगा।



