
पंच👊नामा
रुड़की: गंगनहर कोतवाली पुलिस ने एक ही दिन में ऐसी तिहरी कामयाबी दर्ज की कि अपराधियों में खलबली मच गई, जबकि अपनी खोई हुई अमानत वापस पाकर आम लोगों के चेहरे खिल उठे।
ज्वेलर्स की दुकान में हुई लाखों की नकबजनी का खुलासा, दोपहिया वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ और करीब 20 लाख रुपये कीमत के 51 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपने जैसी तीन बड़ी सफलताएं गंगनहर पुलिस ने अपने नाम की है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कांफ्रेंस कर गंगनहर पुलिस की उपलब्धियों का खुलासा करते हुए बताया कि अलग-अलग अभियानों में पुलिस टीमों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और आधुनिक तकनीक के जरिए आमजन को राहत पहुंचाने के प्रयास भी जारी हैं। उन्होंने सफल कार्रवाई करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
एसपी देहात शेखर सुयाल ने बताया कि ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के शहीद नगर, जवाहर पार्क निवासी 35 वर्षीय साहिन पुत्र शाह आलम को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
प्रभारी निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने दोपहिया वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए माधोपुर हजरतपुर निवासी 18 वर्षीय अयान पुत्र नसीम अहमद व नगला कुबड़ा, झबरेड़ा निवासी 19 वर्षीय अजय पुत्र मांगेराम को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के 11 दोपहिया वाहन बरामद किए गए, जिनमें एक स्कूटी और 10 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चोरी के वाहनों में मॉडिफिकेशन कर उन्हें बेचने और इस्तेमाल करने का काम करते थे। बरामद वाहनों के संबंध में विभिन्न थानों से जानकारी जुटाई जा रही है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के देहात क्षेत्र भ्रमण के दौरान गंगनहर कोतवाली परिसर में सीईआईआर पोर्टल की सहायता से रिकवर किए गए करीब 20 लाख रुपये बाजार मूल्य के 51 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
लंबे समय से मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि मोबाइल फोन उनके लिए केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि यादों और जरूरी सूचनाओं का अहम जरिया था, जिसे वापस पाकर उन्हें बड़ी राहत मिली है।
इन अभियानों में प्रभारी निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने अहम भूमिका निभाई, जिनमें वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीप कुमार, उपनिरीक्षक पंकज कुमार, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, उपनिरीक्षक संजीव चौहान, उपनिरीक्षक ब्रह्मदत्त बिल्जवाण, अपर उपनिरीक्षक मनीष कवि, हेड कांस्टेबल यूनुस बेग, कांस्टेबल प्रभाकर, कांस्टेबल अजय काला, कांस्टेबल धीरेंद्र, कांस्टेबल वसीम व हेड कांस्टेबल मनमोहन शामिल रहे।



