हरिद्वार

“मिट्टी खनन की जांच को पहुंचे खनन अधिकारी पर यूकेडी जिलाध्यक्ष से अभद्रता का आरोप, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट से भी उलझे अफसर..

नाले की खुदाई से निकली सैकड़ों टन मिट्टी से चर्चित आश्रम का किसके इशारे पर किया जा रहा भराव, यूकेडी ने की कार्रवाई की मांग..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: उत्तरी हरिद्वार में मोतीचूर क्षेत्र में नाले की खुदाई से निकली मिट्टी के कथित अवैध उठान और उसके उपयोग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले की जांच करने पहुंचे जिला खनन अधिकारी पर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत ने अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। वहीं, मौके पर मौजूद एक वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट से भी अधिकारी उलझ गये। आरोप है कि फोटो खींचने पर मोबाइल फोन छीनने का प्रयास भी किया गया। घटना के बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है और उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत के अनुसार मोतीचूर रेलवे स्टेशन के बाहर नाले की खुदाई से निकली सैकड़ों टन मिट्टी को बिना अनुमति एक चर्चित आश्रम की खाली पड़ी भूमि में डाला जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकारी कार्य से निकली मिट्टी का उपयोग किसके आदेश और संरक्षण में किया जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में प्रशासन, नगर निगम और राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को शिकायत भी भेजी थी।शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला खनन अधिकारी काजिम रजा को मौके पर जांच के लिए भेजा। गोकुल रावत का कहना है कि उन्होंने अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और वह स्थान भी दिखाया जहां मिट्टी डाली जा रही है। आरोप है कि जांच के दौरान अधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उनके साथ अभद्रता की और तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई।रावत का यह भी आरोप है कि घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे एक वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट से भी अधिकारी उलझ गए और उसका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया। इससे मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। यूकेडी नेताओं का कहना है कि यदि शिकायत सही नहीं थी तो निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी, लेकिन बिना पैमाइश और तथ्यात्मक जांच के ही अधिकारी के लौट जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।यूकेडी ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन और सरकारी कार्यों से निकली मिट्टी के उपयोग को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। पार्टी ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला चर्चा का विषय बन गया है।

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