
पंच👊नामा
रुड़की: मंगलौर के बूढ़पुर जट हत्याकांड में पुलिस जांच ने ऐसा मोड़ लिया कि हत्या का आरोप जिन लोगों पर लगाया गया था, वे बेगुनाह निकले, जबकि मृतक के साथ मौजूद दोस्त ही पूरे घटनाक्रम के असली आरोपी साबित हुए।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर की गई गहन विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ ने झूठी कहानी की परतें उधेड़ दीं और पुलिस ने न सिर्फ हत्या की गुत्थी सुलझा दी, बल्कि पुरानी रंजिश में निर्दोष लोगों को हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश भी नाकाम कर दी।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को बूढ़पुर जट स्थित खेत में सौरभ पुत्र राजेंद्र निवासी बूढ़पुर जट को गोली लगने की सूचना मिली थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक शिकायत के आधार पर रोबिन, अनुज और प्रदुमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई।
उन्होंने बताया कि प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल, स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों, 112 पर सूचना देने वाले व्यक्ति और दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से गहन पूछताछ की।
जांच के दौरान सामने आया कि मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष के बीच पुराना विवाद था। घटना वाले दिन सौरभ अपने साथियों के साथ दोबारा झगड़ा करने की नीयत से तमंचा लेकर बूढ़पुर जट पहुंचा था। खेत में तमंचा खोलकर जांचते समय अचानक गोली चल गई, जो सीधे सौरभ को जा लगी और उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना के बाद साथियों ने खुद को बचाने और पुरानी रंजिश का फायदा उठाकर विरोधी पक्ष को हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची। इसी उद्देश्य से पुलिस को झूठी सूचना देकर रोबिन, अनुज और प्रदुमन पर गोली मारने का आरोप लगाया गया। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, स्वतंत्र गवाहों और घटनास्थल से मिले तथ्यों ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।
जांच के आधार पर पुलिस ने सुमित पुत्र सुखबीर निवासी शकपुर थाना पुरकाजी (उ.प्र.), डिम्पल पुत्र नाहर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर व आशीष पुत्र बिंदर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों में से एक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, खोखा कारतूस और मृतक की पैंट बरामद की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर हत्या की धारा में संशोधन करते हुए मामला गैर इरादतन हत्या में तरमीम किया गया और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुमित और डिम्पल का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। सुमित के खिलाफ उत्तर प्रदेश के पुरकाजी थाने में आर्म्स एक्ट व अन्य संगीन धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं, जबकि डिम्पल के खिलाफ सिडकुल थाने में भी आपराधिक मुकदमा दर्ज है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह मान, उपनिरीक्षक आनंद मेहरा, कांस्टेबल पंकज, कांस्टेबल सुधीर, कांस्टेबल रणवीर, कांस्टेबल रोशन तथा कांस्टेबल पप्पू कश्यप शामिल रहे।



