
पंच👊नामा-ब्यूरो
रुद्रपुर: ऊधमसिंहनगर पुलिस ने संभावित खूनी गैंगवार की बड़ी साजिश को वक्त रहते नाकाम कर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले कुख्यात शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी को जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से तीन तमंचे, कारतूस, बिना नंबर प्लेट की रेनॉल्ट क्विड कार और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। वहीं एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन को धरातल पर उतारते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देश पर गैंगवार, रंगदारी, फायरिंग और संगठित अपराध में शामिल अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह बड़ी सफलता पुलिस को मिली है। एसएसपी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
गाबा चौक और पुलभट्टा फायरिंग का मास्टरमाइंड था जितेन्द्र…..
पुलिस के अनुसार 21 जून 2026 को रुद्रपुर के गाबा चौक पर बीच बाजार हुई सनसनीखेज फायरिंग का मुख्य आरोपी जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी था। उसने अपने प्रतिद्वंद्वी की हत्या की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। इस मामले में कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसके बाद 30 जून 2026 को पुलभट्टा क्षेत्र में भी उसने अपने साथियों के साथ प्रतिद्वंद्वी के वाहन पर कई राउंड फायरिंग की थी। इस घटना में एक महिला सहित कई राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस संबंध में थाना पुलभट्टा में भी मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम…..
लगातार हो रही फायरिंग की घटनाओं और गैंग की गतिविधियों को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रपुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम लगातार गैंग के सदस्यों के संभावित ठिकानों पर दबिश, निगरानी और सुरागरसी कर रही थी, जिससे आरोपी अपने घर छोड़कर फरार चल रहे थे।
खुफिया सूचना पर जाफरपुर कट में घेराबंदी……
12 जुलाई को पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि जितेन्द्र चौधरी अपने साथियों के साथ बिना नंबर प्लेट की सफेद रेनॉल्ट क्विड कार में हथियारों से लैस होकर डिबडिबा क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जाफरपुर कट क्षेत्र में घेराबंदी कर नाकाबंदी शुरू कर दी।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल…….
कुछ देर बाद संदिग्ध कार दिखाई देने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी कार लेकर भाग निकले। पीछा करने पर कार यूनिटी लॉ कॉलेज के पास कच्चे रास्ते में अनियंत्रित होकर तारबाड़ से टकरा गई। इसके बाद बदमाश खेतों और बाग की ओर भागे तथा पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने पहले आरोपियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन लगातार फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने करीब आधा दर्जन राउंड फायर किए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी के पैर में गोली लगी और उसे मौके से दबोच लिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार…….
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी, सुमित राठौर तथा चंदन लाल को गिरफ्तार कर लिया। जबकि निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कांबिंग और दबिश दे रही है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल रुद्रपुर में भर्ती कराया गया है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास…….
मुख्य आरोपी जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी के खिलाफ उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, फायरिंग, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े एक दर्जन के करीब मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी सुमित राठौर तथा फरार आरोपी निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली के खिलाफ भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसएसपी अजय गणपति का संदेश………
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि जनपद में अपराधियों, गैंगस्टरों और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस पर हमला करने वाले, गैंगवार को बढ़ावा देने वाले तथा आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम…….
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रपुर प्रकाश दानू, वरिष्ठ उपनिरीक्षक खुशवंत सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार (चौकी प्रभारी बाजार), उपनिरीक्षक प्रदीप पंत (चौकी प्रभारी आदर्श कॉलोनी), उपनिरीक्षक पंकज कुमार (चौकी प्रभारी रम्पुरा), सहायक उपनिरीक्षक अमित कुमार, एसओजी के कांस्टेबल भूपेन्द्र आर्या, मुख्य आरक्षी राजकुमार, आरक्षी विजय दरमाल, हरीश मेहरा तथा महेश पंचपाल की सराहनीय भूमिका रही।



