देहरादून

“अच्छे पड़ोसी सबसे बड़ी पूंजी, पड़ोसियों की गवाही और पुलिस की निष्पक्ष जांच से रिटायर्ड एसआई के परिवार को मिली राहत..

कोर्ट ने प्रार्थना पत्र किया निरस्त, समाज को मिला सौहार्द का संदेश, पड़ोसी पहले, बाद में रिश्तेदार..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: कहा जाता है कि इंसान अपने रिश्तेदारों से पहले अपने पड़ोसियों के संपर्क में आता है। सुख-दुख हो या कोई विपरीत परिस्थिति, सबसे पहले पड़ोसी ही साथ खड़े नजर आते हैं। रायवाला का एक मामला इस कहावत को सही साबित करता है, जहां पड़ोसियों की निष्पक्ष गवाही और पुलिस जांच ने एक परिवार को बड़ी कानूनी परेशानी से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।सेवानिवृत्त एसआई राकेश खंडूरी ने वर्षों पहले अपने क्षेत्र में कई पुलिस कर्मियों को बसने में सहयोग किया था। बताया गया कि पिछले वर्ष हरिद्वार एलआईयू में तैनात एक पुलिसकर्मी का उनके पुत्र के साथ विवाद हो गया। इसके बाद कथित तौर पर उनके परिवार के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने बिना जल्दबाजी किए पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और उन्हें निराधार पाया गया। इसके बाद संबंधित पक्ष न्यायालय पहुंचा। न्यायालय में लगातार सुनवाई के दौरान आसपास रहने वाले कई पड़ोसियों ने निष्पक्ष होकर अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि खंडूरी परिवार वर्षों से उनके बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार करता आया है और कभी किसी प्रकार की शिकायत का अवसर नहीं दिया। न्यायालय ने पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और पड़ोसियों की गवाही को महत्व देते हुए प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश……
यह मामला केवल एक कानूनी विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है। अच्छे पड़ोसी केवल त्योहारों और खुशियों के साथी नहीं होते, बल्कि कठिन समय में सच का साथ देकर किसी निर्दोष की प्रतिष्ठा बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निष्पक्ष गवाही न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाती है और समाज में विश्वास कायम करती है।सौहार्द ही सबसे बड़ी ताकत…..
आज के दौर में छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दूरियां बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में हमें अपने पड़ोसियों के साथ सम्मान, सहयोग और विश्वास का रिश्ता बनाना चाहिए। एक अच्छा पड़ोसी संकट की घड़ी में सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकता है। सच का साथ देना और आपसी भाईचारा बनाए रखना ही एक स्वस्थ और मजबूत समाज की पहचान है।

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