“गृहिणी से बनी ‘डॉक्टर’… नईमा मलिक ने रचा इतिहास, गांव की पहली विवाहिता बहू बनीं पीएचडी धारक..!

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; लक्सर क्षेत्र के सुल्तानपुर-आदमपुर स्थित ग्राम मोहम्मदपुर कुन्हारी की निवासी विवाहिता नईमा मलिक ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पीएचडी (डॉक्टरेट) की उपाधि प्राप्त की है। गांव की पहली विवाहिता बहू के रूप में शोध कार्य सफलतापूर्वक पूरा करने पर उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। नईमा की सफलता उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।
नईमा मलिक ने डोईवाला, देहरादून स्थित स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय (पूर्व नाम हिमालयीय विश्वविद्यालय) के शिक्षा शास्त्र विभाग से प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार के निर्देशन में “उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संवेगात्मक परिपक्वता का उनके समायोजन एवं व्यक्तित्व पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन” विषय पर शोध कार्य पूर्ण किया। शोध निर्देशक ने उन्हें मेधावी, जिज्ञासु और मेहनती शोधार्थी बताते हुए कहा कि उन्होंने कठिन शोध को पूरी लगन और समयबद्ध तरीके से पूरा किया।
किसान परिवार की बहू नईमा ने गृहिणी की जिम्मेदारियों के साथ बच्चों की परवरिश और उच्च शिक्षा के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित किया। उनके पति इमरान अली उत्तराखंड पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, जबकि ससुर किसान हैं। उनकी पुत्री अलिशा और पुत्र अब्दुल रियाज हैं। पिता याकूब सेवानिवृत्त कर्मचारी और माता लतीफन गृहिणी हैं।
इस उपलब्धि पर माता-पिता, सास-ससुर व पति ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी जिम्मेदारी बाधा नहीं बन सकती। वहीं नईमा मलिक ने कहा कि पीएचडी उनके सफर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उनका सपना प्रोफेसर बनकर समाज की बेटियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाना और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करना है। उनकी सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



