‘पत्रकार’ के नाम पर कथित उगाही का ऑडियो वायरल, दरगाह कर्मचारी पर गिरी गाज, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बैठाई जांच..
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के बाद कार्रवाई, तहसीलदार रुड़की की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच..

पंच👊नामा
पिरान कलियर; दरगाह साबिर पाक में ठेकों के नाम पर कथित अवैध उगाही के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो के बाद दरगाह प्रशासन हरकत में आ गया है।
वायरल ऑडियो में एक कर्मचारी कथित तौर पर ठेकेदार से एक पत्रकार के नाम पर उगाही की बात करते हुए और स्वयं को मध्यस्थ (मीडियेटर) की भूमिका में पेश करता सुनाई दे रहा है।
हालांकि ऑडियो में जिस पत्रकार का जिक्र किया गया है, उसकी पहचान की पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह वास्तव में पत्रकार है या नहीं। इसी बीच रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दरगाह कार्यालय को कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई थीं, जिनमें दरगाह के कर्मचारी/सेवक सलीम अहमद उर्फ बिल्ला पर ठेकों के नाम पर कथित अवैध वसूली करने के आरोप सामने आए। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि कर्मचारी की कथित गतिविधियों से दरगाह की प्रतिष्ठा और छवि प्रभावित हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तहसीलदार रुड़की की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार सलीम अहमद के विरुद्ध पूर्व में भी गोपनीय सूचनाएं बाहर पहुंचाने, दान रसीदों में कथित अनियमितता व अन्य शिकायतों के मामले सामने आ चुके हैं। उन मामलों में भी उन्हें निलंबित किया गया था, हालांकि बाद में चेतावनी देकर सेवा में बहाल कर दिया गया था।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि कर्मचारी के व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं आया। इसके अलावा दरगाह के नाम पर कर्मचारियों की यूनियन बनाए जाने के मामले की भी जांच चल रही है। इस संबंध में कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
उधर सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल केवल ऑडियो के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति, विशेषकर कथित पत्रकार की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। जांच समिति अब ऑडियो की सत्यता, कथित अवैध उगाही और पूरे घटनाक्रम की सभी परिस्थितियों की पड़ताल करेगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



