“धर्म के मंच से सियासत पर बवाल! कांग्रेस का भाजपा पर वार, आलोक शर्मा ने कहा—आस्था को प्रचार का माध्यम न बनाएं..
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; धार्मिक मंचों के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। प्रेस क्लब सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस साधु-संतों और धर्माचार्यों का सदैव सम्मान करती है, लेकिन धार्मिक आयोजनों और मंचों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल के प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संत समाज से भी अपील की कि किसी मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी करने से पहले उसकी पूरी सच्चाई और संबंधित दस्तावेजों को समझना जरूरी है।
सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में आलोक शर्मा ने कहा कि जब धार्मिक आयोजनों के मंचों से राजनीतिक बयानबाजी कर देश के मूल मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास किया जाता है तो कांग्रेस उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था समाज को जोड़ने का माध्यम हैं, इन्हें राजनीतिक लाभ हासिल करने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा को भारत और हिंदुत्व का पर्याय बताने की कोशिश उचित नहीं है। शर्मा ने कहा, “भाजपा भारत नहीं है, भाजपा हिंदुत्व नहीं है, सरकार भारत नहीं है और कोई एक व्यक्ति भारत नहीं है। भारत करोड़ों देशवासियों से मिलकर बना है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी दल या व्यक्ति का वर्चस्व संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर नहीं हो सकता।
वन नेशन, वन इलेक्शन पर भी उठाए सवाल……
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने वन नेशन, वन इलेक्शन के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह केवल चुनावी खर्च कम करने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि देश के संघीय ढांचे, क्षेत्रीय दलों और सरकारों की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर संवैधानिक सवाल है। उन्होंने कहा कि सभी चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था लागू होने पर राष्ट्रीय मुद्दे स्थानीय और क्षेत्रीय सवालों पर हावी हो सकते हैं। शर्मा ने आशंका जताई कि यदि किसी राज्य में चुनाव के बाद बीच कार्यकाल में सरकार गिरती है तो राष्ट्रपति शासन जैसी स्थितियां बनने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे केंद्र की शक्ति राज्यों की तुलना में अधिक मजबूत होने का खतरा पैदा हो सकता है। आलोक शर्मा ने कहा कि रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस मुद्दे पर संसदीय प्रक्रिया चल रही है और संयुक्त संसदीय समिति में भी चर्चा हो रही है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण व्यवस्था पर व्यापक बहस और जनता को पूरी जानकारी दिया जाना जरूरी है।
महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा……
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने के बजाय सरकार को महंगाई कम करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे सवालों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने पेट्रोल, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि आम जनता को राहत देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए अब तक कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं।उत्तराखंड के संदर्भ में आलोक शर्मा ने अंकिता भंडारी प्रकरण का मुद्दा भी उठाया और प्रदेश की बेटी को न्याय दिलाने के सवाल पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
कांग्रेस जनहित के मुद्दे उठाती रहेगी: बालेश्वर सिंह…..
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जनता की आवाज को मजबूती के साथ सामने रखेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता से जुड़े सवालों पर कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। इस दौरान कांग्रेस एससी विभाग के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी, पत्रकार एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पत्रकार मौजूद रहे।



