
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने लक्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में जनपदभर में विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले 185 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर 16 बसों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरने वाले तीन वाहनों की फिटनेस निलंबित करने की संस्तुति की गई है।
चेकिंग अभियान के दौरान बसों की तकनीकी स्थिति से लेकर उनके संचालन और दस्तावेजों तक की बारीकी से जांच की गई। संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने बसों की तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर जांच की।
वहीं एआरएम रोडवेज विशाल कुमार की सहभागिता में संयुक्त रूप से बसों के संचालन, यात्री क्षमता, वाहन की संरचना और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की गई।
मनमाने ढंग से बदल रहे थे बसों की संरचना…..
जांच के दौरान कई वाहनों में स्वीकृत संरचना के विपरीत परिवर्तन किए जाने के मामले सामने आए। निर्धारित बस बॉडी कोड का उल्लंघन, क्षमता से अधिक यात्रियों का परिवहन, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं और अन्य परिवहन नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्लीपर और लक्जरी बसों में यात्रियों की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह का अनधिकृत बदलाव हादसे की स्थिति में यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेष अभियान में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, मुकेश भारती, भारत भूषण और हरीश सती ने भी विभिन्न स्थानों पर चेकिंग करते हुए प्रवर्तन कार्रवाई की।
नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई…..
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहनों का संचालन केवल स्वीकृत संरचना, निर्धारित यात्री क्षमता, बस बॉडी कोड और वैधानिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाए।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़, अनधिकृत ढंग से वाहन की संरचना में बदलाव और परिवहन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को सुरक्षित और नियमसम्मत परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लक्जरी और स्लीपर बसों की जांच आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध चालान के साथ-साथ गंभीर मामलों में वाहन सीज करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।



