हरिद्वार

“सच हुई दारोगा जी की भविष्यवाणी, जहां बोला, वहीं बने थानेदार, लोग कर रहे जय-जयकार..

जिला बदलकर कब का "इनाम" पा चुके कोतवाल धुरंधर, देर से ही सही, अब आया दारोगा जी का नम्बर..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
सुल्तान, हरिद्वार: सरकारी नौकरी में तनख्वाह के अलावा किसी भी चीज की गारंटी नहीं होती। खासतौर पर पुलिस महकमे में कुर्सी की तो बिल्कुल भी नहीं। ये चाइनीज खिलौने की तरह है, चले तो बेमिसाल, न चले तो आधा साल। रिप्लेसमेंट की कोई शर्त भी यहां लागू नहीं होती। ऐसे पेचीदा हालात में अगर कोई फलाना व्यक्ति कुर्सी को लेकर भविष्यवाणी करे और वो पूरी हो जाये तो समझ लीजिये वो महापुरुष हैं। ठीक इसी प्रकार एक बड़े जिले में दारोगा जी की भविष्यवाणी इन दिनों चर्चाओं में है। दारोगा जी मुट्ठी भींचते हुए आंखे बंद कर बोलते थे कि फलां थाने का थानेदार बनूंगा। आमतौर पर यह समाज महापुरुषों को बाद में ही पहचानता है, हाल ही में रात के अंधेरे में बड़े साहब ने हल्की सी करवट ली तो दारोगा जी की भविष्यवाणी सही साबित हो गई। दारोगा जी चौकी से छलांग लगाकर जा पहुंचे सीधे थानेदार की कुर्सी पर, वो भी टाइट सिचुएशन के बीच। अब लोग भविष्य वक्ता दारोगा जी की जय-जयकार कर रहे हैं। थानेदार बने दारोगा जी भी मंद-मंद मुस्कुराते हुए कह रहे हैं, हमने कहा था ना..😎 हालांकि, “पंच👊नामा के अंडर कवर खबरी “लल्लन रावत” का तो यहां तक कहना है कि भाई साहब को इनाम तो बहुत पहले मिलना था। धुरंधर कोतवाल तो जिला बदलकर भी कबका इनाम पा गए। अब ये क्या बात हुई। भला इतना बड़ा और भारी-भरकम काम निपटाने के बावजूद इतना इंतजार… हुजूर इसे “तौहीन ए काबलियत” न कहा जाए तो फिर क्या कहें। ख़ैर, हीरे की पहचान जौहरी को ही होती है, इत्तेफाक से जौहरी ही इधर-उधर हो जाये तो इंतजार ही करना पड़ता है। कुल मिलाकर दारोगा जी को उनका इनाम मुबारक, बाकी लोग लाइन सीधी रखें। कोई हल्ला नहीं करेगा, नया लॉट आता ही होगा। आगे-आगे देखिये होता है क्या।

Advt.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt.
Back to top button
error: Content is protected !!