“कश्यप समाज ने भरी एकजुटता की हुंकार, शिक्षा से लेकर सत्ता तक बढ़े भागीदारी—एक मंच पर जुटे समाज के लोग..
36वें वार्षिक सम्मेलन में उठा सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा, मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर शिक्षा को बताया तरक्की की पहली सीढ़ी..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; समाज की तरक्की केवल संख्या बल से नहीं, बल्कि एकजुटता, शिक्षा और हर क्षेत्र में प्रभावी भागीदारी से संभव है। इसी सोच के साथ कश्यप समाज के लोगों ने एक मंच पर जुटकर सामाजिक और राजनीतिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने समाज की मौजूदा स्थिति पर मंथन करते हुए युवाओं को शिक्षा, प्रशासनिक सेवाओं और राजनीति में आगे आने का आह्वान किया। शुक्रवार को महर्षि कश्यप वाटिका में श्री कश्यप समाज आश्रम समिति हरिद्वार का 36वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज की एकजुटता से लेकर युवाओं की शिक्षा, महिलाओं की बराबरी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कश्यप निषाद संगठन के प्रदेश महासचिव डा. सुशील कुमार कश्यप ने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर एक मंच पर नहीं आएगा, तब तक उसका सामाजिक और राजनीतिक विकास संभव नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में समाज को मजबूत प्रतिनिधित्व दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और उचित अवसर मिलें तो वे देश की प्रशासनिक व्यवस्था में उच्च पदों तक पहुंचने के साथ ही राजनीतिक क्षेत्र में भी नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अजीतपुर ग्राम प्रधान प्रखर कश्यप ने बेटियों की शिक्षा और अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बेटियों को भी बेटों के समान अवसर देने चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को पूरी स्वतंत्रता मिलने पर वे भी समाज और परिवार का नाम रोशन कर सकती हैं। उत्तर प्रदेश के एमएलसी किरण पाल कश्यप ने राजनीतिक भागीदारी को समाज के विकास का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि समाज को राजनीति के क्षेत्र में भी एकजुट होकर अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी। देश और प्रदेश की सरकारों में समाज का प्रतिनिधित्व बढ़े, इसके लिए लोगों को मिलजुलकर प्रयास करने की जरूरत है। समाजसेवी सुमित कश्यप, पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप और पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप ने कहा कि समाज आज भी विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षित भागीदारी से पीछे है। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक और प्रशासनिक सेवाओं में आगे आने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले समाज के छात्र-छात्राओं का भी उत्साहवर्धन किया गया। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सम्मान बच्चों में आगे बढ़ने का उत्साह पैदा करने के साथ-साथ समाज के अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष बुद्ध सिंह कश्यप, संस्थापक वरिष्ठ संरक्षक उषेंद्र कुमार कश्यप, पाल सिंह कश्यप, वरिष्ठ संरक्षक महावीर सिंह कश्यप, नत्थू सिंह कश्यप, चरण सिंह कश्यप, कोषाध्यक्ष सुमेरचंद कश्यप, देवराज कश्यप, प्रभाकर कश्यप, मान सिंह कश्यप, बीएल मेहरा, राम किशोर कश्यप, सुनील कुमार कश्यप, शिव कुमार कश्यप, ऋषिपाल कश्यप, ब्रह्मपाल कश्यप, ग्रेस कश्यप आदि मौजूद रहे।



