“देहरादून हाईवे पर नियमों को ठेंगा! भगवानपुर के रायपुर चौक पर कथित अवैध मार्केट प्लॉटिंग से उठे सवाल, HRDA बेखबर.?
पंच👊नामा
भगवानपुर; देहरादून हाईवे स्थित रायपुर चौक के आसपास कथित तौर पर विकसित की जा रही मार्केटनुमा प्लॉटिंग को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि हाईवे किनारे बड़े पैमाने पर प्लॉट विकसित कर उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बेचे जाने की तैयारी की जा रही है, जबकि संबंधित विकास कार्यों और ले-आउट को लेकर आवश्यक स्वीकृतियों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामला सामने आने के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि रायपुर चौक के समीप हाईवे किनारे जिस तरह से प्लॉटिंग विकसित की गई है, उसका स्वरूप सामान्य आवासीय कॉलोनी के बजाय मार्केटनुमा नजर आ रहा है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित भूमि पर प्लॉटिंग व निर्माण से पहले नियमानुसार आवश्यक अनुमति और स्वीकृत ले-आउट लिया गया है या नहीं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में बाहरी बिल्डरों की भूमिका बताई जा रही है।
ऐसे में सबसे अहम सवाल यही है कि संबंधित भूमि पर विकास कार्य किस अनुमति के आधार पर किए गए और क्या एचआरडीए से इसका ले-आउट स्वीकृत है? यदि बिना आवश्यक स्वीकृति के प्लॉटिंग या व्यावसायिक विकास किया गया है तो यह संबंधित विभाग के लिए जांच का विषय बनता है। खास बात यह है कि मामला मुख्य हाईवे से जुड़ा होने के कारण यहां होने वाले विकास कार्य आसानी से नजर आने वाले हैं।
इतने प्रमुख मार्ग पर बड़े स्तर पर विकास कार्य होने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह सवाल भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम नागरिकों द्वारा बिना स्वीकृति निर्माण किए जाने पर विकास प्राधिकरण कार्रवाई करता है, ऐसे में बड़े स्तर पर कथित अवैध प्लॉटिंग के मामलों में भी समान रूप से नियमों का पालन कराया जाना चाहिए।
अब निगाहें एचआरडीए की ओर हैं कि विभाग इस मामले में स्थल का निरीक्षण कर दस्तावेजों और स्वीकृतियों की जांच करता है या नहीं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि सभी आवश्यक स्वीकृतियां मौजूद हैं तो विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने से भी तस्वीर साफ हो सकेगी।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि रायपुर चौक पर विकसित की जा रही इस मार्केटनुमा प्लॉटिंग को लेकर एचआरडीए के रिकॉर्ड में क्या स्थिति दर्ज है? क्या इसका ले-आउट स्वीकृत है? क्या व्यावसायिक उपयोग के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं? और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभाग क्या कदम उठाएगा?



