“हरिद्वार में सीओ की “रेलम-पेल”, तीन और पहुंचे, सबको एडजस्ट करने के लिए बढ़ाने पड़े दो सर्किल..
एसएसपी ने बदला सर्किलों का गणित, किसी को दो कोतवाली तो किसी को एक, सिटी से जुड़े पथरी और कलियर..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; जिले में पुलिस उपाधीक्षकों की संख्या बढ़ी तो सर्किलों का गणित भी फिर बदल गया। एक आईपीएस समेत तीन राजपत्रित अधिकारियों के आगमन के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने जिले में पुलिस क्षेत्राधिकारियों के कार्यक्षेत्र का नए सिरे से बंटवारा किया है।
दो नए सर्किल बढ़ाए गए हैं और अब जिले में कुल नौ सर्किल हो गए हैं। यानी अधिकारी बढ़े तो उन्हें जिम्मेदारी देने के लिए सर्किल भी बढ़ाने पड़े। नए फेरबदल में किसी सीओ के हिस्से दो कोतवालियां आई हैं तो किसी को एक कोतवाली के साथ पुलिस लाइन की जिम्मेदारी मिली है।
नए बंटवारे के तहत सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ देवव्रत जोशी को बहादराबाद सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अधीन बहादराबाद और कलियर कोतवाली रहेंगी। नगर सर्किल में सीओ शिशुपाल नेगी को नगर और श्यामपुर कोतवाली की जिम्मेदारी मिली है। सीओ संजय चौहान ज्वालापुर सर्किल में ज्वालापुर और पथरी को संभालेंगे। पथरी और कलियर को एक बार फिर सिटी क्षेत्र से जोड़ा गया है।
सदर सर्किल में सीओ सुरेंद्र बलूनी को सिडकुल कोतवाली के साथ पुलिस लाइन की जिम्मेदारी दी गई है। रुड़की सर्किल में सीओ ओशिन जोशी के पास रुड़की और गंगनहर, जबकि मंगलौर सर्किल में सीओ अभिनय चौधरी के पास मंगलौर और झबरेड़ा कोतवाली रहेंगी।
लक्सर सर्किल में सीओ देवेंद्र सिंह नेगी को लक्सर और खानपुर की जिम्मेदारी मिली है। भगवानपुर सर्किल में सीओ सुमित पांडे को भगवानपुर और बुग्गावाला तथा रानीपुर के नए सर्किल में सीओ दक्ष शोखंद को रानीपुर और कनखल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रानीपुर को अलग सर्किल बनाया जाना इस फेरबदल का प्रमुख बदलाव है। वहीं पथरी और कलियर को फिर सिटी क्षेत्र से जोड़े जाने से पुलिसिंग का क्षेत्रीय समीकरण भी बदला है। नए बंटवारे से बढ़ी अधिकारियों की संख्या को जिम्मेदारियों में समायोजित करने के साथ जिले में सर्किल व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।



