
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; राजधानी देहरादून में मोहब्बेवाला चौक पर बुधवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सहारनपुर से देहरादून आ रहे एक परिवार की आई-20 कार पर कंटेनर ट्रक पलट गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह ट्रक के नीचे दब गई और उसमें सवार पांच लोग जिंदगी और मौत के बीच फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। किसी को उम्मीद नहीं थी कि कार के अंदर से किसी को सुरक्षित निकाला जा सकेगा।
लेकिन इस भयावह मंजर के बीच पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय दिया। इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ के नेतृत्व में तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे छह वर्षीय मासूम माहेर कपूर को सकुशल बाहर निकाल लिया। मौत के मुंह से बच्चे को सुरक्षित निकालना हादसे के बीच सबसे बड़ी राहत बनकर सामने आया।
हालांकि, इस हादसे की अगली खबर और भी दर्दनाक रही। कार में सवार बच्चे के पिता मिश्रेस कपूर (38), मां निशा आनंद कपूर (38), दादी किरण कपूर (63) और चालक नीरज को गंभीर हालत में कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी चारों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हादसा बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे मोहब्बेवाला चौक पर हुआ। आई-20 कार और कंटेनर ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत के बाद कंटेनर कार के ऊपर पलट गया था। कार में एक ही परिवार के सदस्य सवार थे, जो सहारनपुर से देहरादून आ रहे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया। बेहद मुश्किल परिस्थितियों में चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ समेत पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही। टीम की तत्परता से छह साल के मासूम की जान बचाई जा सकी।
एक तरफ चार लोगों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं दूसरी ओर पुलिस और फायर टीम की बहादुरी ने एक मासूम की जिंदगी बचाकर इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। कहते हैं, ‘जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय’। मोहब्बेवाला हादसे में छह साल के माहेर कपूर के लिए यह कहावत सच साबित हुई।



