“WhatsApp पर फर्जी MD बनकर ठगे ₹3.20 करोड़, STF कोलकाता से घसीट लाई आरोपी को..
STF कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर साइबर टीम की बड़ी कार्रवाई, फर्जी मैनेजिंग डायरेक्टर बनकर कंपनी के जनरल मैनेजर से कराई थी करोड़ों की रकम ट्रांसफर..

पंच👊नामा
देहरादून; साइबर ठगों के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कंपनी के उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बनकर WhatsApp के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले साइबर नेटवर्क के एक और वांछित आरोपी को एसटीएफ की साइबर टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी पहचान के जरिए कंपनी के जनरल मैनेजर को झांसे में लेकर प्रोजेक्ट के एडवांस पेमेंट और अन्य भुगतानों के नाम पर करीब ₹3.20 करोड़ की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराने का आरोप है।
एसटीएफ कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ मैनुअल इनपुट विकसित किए और आरोपी की तलाश में लगातार जुटी रही। महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने के बाद टीम कोलकाता पहुंची और आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में दर्ज इस मामले की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने खुद को कंपनी का उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बताकर कंपनी के जनरल मैनेजर से WhatsApp के माध्यम से संपर्क किया। इसके बाद प्रोजेक्ट के एडवांस पेमेंट व अन्य आवश्यक भुगतानों का हवाला देकर उसे विश्वास में लिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर करा ली गई।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ठगी की धनराशि Shyam Trading Company के बैंक खाते में भी ट्रांसफर कराई गई थी। इस तरह डिजिटल माध्यम और फर्जी पहचान का सहारा लेकर साइबर ठगों ने करीब ₹3.20 करोड़ की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। एसटीएफ की साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने कोलकाता में दबिश देकर आरोपी चन्द्र कांत मिश्रा, निवासी ग्रीन फील्ड सिटी, महेशतल्ला, कोलकाता, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और HP कंपनी का एक लैपटॉप बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में लैपटॉप से विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से जुड़े एडिटेबल दस्तावेज, बैंक लोन आवेदन, अलग-अलग व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रतियां समेत कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसटीएफ के अनुसार बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही आरोपी से साइबर ठगी में उसकी भूमिका, ठगी की रकम के लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
इस मामले में एसटीएफ पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ माननीय न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। अब कोलकाता से एक और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी गई है। प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों और साइबर अपराध नेटवर्क के संबंध में आवश्यक कार्रवाई जारी है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसटीएफ की साइबर टीम में निरीक्षक विकास भारद्वाज, अपर उपनिरीक्षक सुरेश कुमार और हेड कांस्टेबल शादाब अली शामिल रहे।



