“नगर निगम जमीन मामले में ‘बड़े खिलाड़ियों’ को बचाने का आरोप, सुराज सेवादल का सरकार पर निशाना..
प्रेस कांफ्रेंस में रमेश जोशी बोले- एक अधिकारी की बर्खास्तगी से पूरी नहीं होगी जवाबदेही, जनता के पैसे की वसूली और जवाबदेही तय करने की मांग, (देखें वीडियो)..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून। नगर निगम भूमि प्रकरण को लेकर सुराज सेवादल ने सरकार की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाले कई अधिकारियों और कर्मचारियों को बचाने का प्रयास किया गया है, जिससे वास्तविक दोषियों तक कार्रवाई नहीं पहुंच सकी।
सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि सरकार की ओर से की गई कार्रवाई मामले की गंभीरता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी की बर्खास्तगी और एक पीसीएस अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकना पर्याप्त कदम नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार इस मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी जांच या तो अधूरी रही या उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
जोशी ने आरोप लगाया कि नगर निगम से संबंधित पत्रावलियों के निस्तारण, परीक्षण और अनुमोदन प्रक्रिया में शामिल कई अधिकारियों की भूमिका की समुचित जांच नहीं की गई। उन्होंने कहा कि तत्कालीन राजस्व अधिकारियों, पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में इन बिंदुओं को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया। उनका कहना है कि भूमि संबंधी पूरे प्रकरण में प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नियमों की अनदेखी हुई, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
उन्होंने स्टांप वेंडर के खाते में जमा धनराशि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस पहलू की भी समुचित पड़ताल नहीं की गई। साथ ही नगर निगम को हुए कथित वित्तीय नुकसान की भरपाई और संबंधित धनराशि की वसूली को लेकर भी रिपोर्ट में कोई स्पष्ट कार्ययोजना दिखाई नहीं देती। इससे यह आशंका पैदा होती है कि मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्य अब भी सामने नहीं आ सके हैं।
रमेश जोशी ने कहा कि यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो जनता के टैक्स के पैसे की वसूली कठिन हो जाएगी और जवाबदेही तय नहीं हो पाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की दोबारा जांच वरिष्ठ और ईमानदार अधिकारियों की स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।सुराज सेवादल ने चेतावनी दी कि यदि मामले में पारदर्शी जांच नहीं कराई गई तो संगठन जनहित में आगे भी आवाज उठाता रहेगा।



