
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: बहादराबाद क्षेत्र में हाईवे किनारे शनि देव मंदिर के पास स्थित एक बेशकीमती भूखंड पर कब्जे के प्रयास को लेकर सोमवार को दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। भूमि विवाद के बीच बड़ी संख्या में नकाबपोश महिला और पुरुषों के अचानक मौके पर पहुंचने से मामला और अधिक रहस्यमय हो गया है।
अब क्षेत्र में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर इन लोगों को वहां किसने भेजा और कब्जे के प्रयास के पीछे किसकी रणनीति काम कर रही थी। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में कई रसूखदार और प्रभावशाली लोगों के नाम भी चर्चाओं में बताए जा रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
विवादित भूखंड पर लंबे समय से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। सोमवार को अचानक दर्जनों नकाबपोश महिला और पुरुष भूखंड में पहुंच गए और मालिकाना हक जताते हुए वहां बैठ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अधिकांश लोगों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और वे संगठित तरीके से एक साथ मौके पर पहुंचे थे। इस घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों को भी हैरत में डाल दिया। आसपास मौजूद लोगों के बीच चर्चा रही कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ वहां कौन लेकर आया और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
भूखंड पर लोगों के पहुंचने की सूचना मिलते ही दूसरा पक्ष भी मौके पर पहुंच गया और जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए कब्जे की कोशिश का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया और हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना पर इंस्पेक्टर बहादराबाद अमरजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी योगेश मेहर, सीओ ज्वालापुर संजय चौहान समेत कई अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कब्जे के उद्देश्य से पहुंचे लोगों को भूखंड से बाहर कराया और दोनों पक्षों को विवाद का समाधान होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने दोनों पक्षों से स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले पर प्रशासन की पैनी नजर है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पूरे घटनाक्रम के बाद अब चर्चा सिर्फ भूमि विवाद तक सीमित नहीं रह गई है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि इस प्रकरण में कुछ रसूखदार और प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी तक किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है,
लेकिन नकाबपोश लोगों की मौजूदगी, उनके संगठित तरीके से पहुंचने और कब्जे के प्रयास ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले के हर पहलू की पड़ताल में जुटे हुए हैं, जबकि क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।



