
पंच👊नामा-ब्यूरो
पौड़ी: कोटद्वार में नशा तस्करी के खिलाफ पौड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस, एएनटीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ने आरोपित के कब्जे से 2.046 किलोग्राम चरस बरामद की। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मारुति 800 कार को भी पुलिस ने सीज कर दिया। आरोपित के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 21 मुकदमे दर्ज हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर 14 अगस्त को कोटद्वार पुलिस, एएनटीएफ और एसओजी की टीम क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों पर नजर रखी। चेकिंग के दौरान गाड़ीघाट निवासी सुनील देवरानी पुत्र जगदीश को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी में उसके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपित को मौके पर गिरफ्तार कर लिया और चरस के परिवहन में प्रयुक्त मारुति 800 कार को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। मामले में आरोपित के खिलाफ कोतवाली कोटद्वार में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एएसपी मनोज कुमार ने बताया कि आरोपित सुनील देवरानी कोतवाली कोटद्वार का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पूर्व में हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट, बलवा, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट समेत कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं।
कार्रवाई में कोतवाली कोटद्वार के उपनिरीक्षक शोएब अली, हेड कांस्टेबल योगेंद्र व एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक रणजीत तोमर, उपनिरीक्षक सुशील चौधरी, अपर उपनिरीक्षक एहसान अली, हेड कांस्टेबल उत्तम और कांस्टेबल अवनीश शामिल रहे।
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नशा तस्करों की कमर तोड़ रहे एसओजी प्रभारी रंजीत तोमर…..
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक रंजीत तोमर की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। उनके नेतृत्व में एसओजी टीम ने एक बार फिर नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इससे पहले भी रंजीत तोमर नशा तस्करों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर चुके हैं।
उनकी सक्रियता के चलते हरिद्वार से लेकर पौड़ी गढ़वाल तक नशे के धंधेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसने और तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने में तोमर के नेतृत्व में एसओजी की टीम लगातार सक्रिय है। यही वजह है कि नशे की तस्करी से जुड़े मामलों में लगातार गिरफ्तारियां और बरामदगी सामने आ रही हैं।



