
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में सामने आए कथित करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की जांच अब एसआईटी करेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी विवेचना के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया है। टीम की निगरानी सीओ सदर सुरेंद्र बलूनी करेंगे, जबकि सिडकुल कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण बिष्ट को विवेचना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जिले में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) की जांच के दौरान 19 स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति वितरण में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले थे। इसके आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से सिडकुल थाने में संबंधित संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एसआईटी में विवेचक प्रवीण बिष्ट के अलावा अपर उपनिरीक्षक अनिल सैनी, हेड कांस्टेबल राकेश, रानीपुर कोतवाली के कांस्टेबल इंदर सिंह तथा एसओजी हरिद्वार के कांस्टेबल वसीम को सदस्य बनाया गया है। टीम दस्तावेजों की जांच, संबंधित संस्थानों से रिकॉर्ड जुटाने और छात्रवृत्ति वितरण की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण करेगी।
एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाएगी। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच पर जिलेभर की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना से जुड़ा गंभीर मामला है।



