“टूटा 2019 का रिकॉर्ड, सोमवती अमावस्या पर 76.50 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी..
हर की पैड़ी समेत सभी प्रमुख घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, पुलिस ने बिछड़ों को मिलाया और डूबते श्रद्धालुओं की बचाई जान..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि वर्ष 2019 का रिकॉर्ड भी टूट गया। सोमवार शाम गंगा आरती तक हर की पैड़ी और विभिन्न गंगा घाटों पर 76 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पुण्य स्नान कर चुके थे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह स्वयं पूरे दिन मेला क्षेत्र में डटे रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
पुलिस ने जहां बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया, वहीं गंगा में डूबने की कगार पर पहुंचे कई श्रद्धालुओं को सकुशल बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
रविवार रात से ही हरिद्वार की ओर श्रद्धालुओं का रुख शुरू हो गया था। सोमवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त से हर की पैड़ी, मालवीय घाट, बिरला घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट, सुभाष घाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दिन चढ़ने के साथ घाटों और मेला क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
श्रद्धालुओं की भारी आमद के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे समेत शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बना रहा। हालांकि पुलिस की पूर्व तैयारियों और ट्रैफिक प्लान के चलते रविवार की अपेक्षा हालात काफी नियंत्रित रहे।
शहर के भीतर दूसरे राज्यों से आए वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार सड़क पर उतरकर व्यवस्थाओं को संभालते रहे।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया था।
मेला नोडल अधिकारी एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी, शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा समेत सभी थाना और कोतवाली प्रभारियों ने पूरे दिन फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का संचालन किया।
स्नान पर्व के दौरान हरिद्वार पुलिस ने मानवता और सेवा का भी परिचय दिया। ज्वालापुर क्षेत्र में भटककर पहुंची 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पुलिस ने तीन दिन की मशक्कत के बाद सहारनपुर स्थित उसके परिजनों से मिलवाया।
वहीं हाथी पुल के पास गंगा के तेज बहाव में फंसे हरियाणा निवासी युवक रोहताश को पुलिस रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। इसके अलावा विभिन्न घाटों पर जल पुलिस और गोताखोरों ने सतर्कता दिखाते हुए कई श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय, टीमवर्क और श्रद्धालुओं के सहयोग से स्नान पर्व शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ। देर शाम तक श्रद्धालुओं का आगमन और स्नान जारी रहा।



