“धर्म के आधार पर हिंसा पर सख्त रुख — मंगलौर विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने डीजीपी को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग..
त्वरित जांच, कड़ी धाराओं में मुकदमा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड में हाल के दिनों में धर्म के आधार पर मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मंगलौर विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान शांति, सद्भाव और कानून के राज से है, जिसे हर हाल में कायम रखा जाना चाहिए।
विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने अपने पत्र में कहा कि राज्य में हाल के दिनों में साम्प्रदायिक आधार पर मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने एक मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि खेत में नमाज़ अदा कर रहे एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। इसी प्रकार हरिद्वार में एक मुस्लिम ट्रक चालक की धर्म के आधार पर पिटाई का मामला भी सामने आया है।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था के लिए ही गंभीर चुनौती नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, आपसी विश्वास और संवैधानिक मूल्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। किसी भी नागरिक के साथ उसकी आस्था या पहचान के आधार पर हिंसा या उत्पीड़न अस्वीकार्य है और इससे समाज में भय का वातावरण बनता है।
निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग…..
विधायक ने पुलिस महानिदेशक से मांग की कि इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष व त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ितों की सुरक्षा और सम्मान की पूर्ण गारंटी देने व भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील…..
काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान शांति, सामाजिक सद्भाव और कानून के शासन से रही है। इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और प्रशासन को इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।



