
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: शहर के छात्रों और कामकाजी युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। हरिद्वार के प्रतिष्ठित एस.एम.जे.एन. पीजी कॉलेज में जल्द ही उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) का अध्ययन केंद्र शुरू होने जा रहा है। विश्वविद्यालय की निरीक्षण टीम ने कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है और केंद्र स्थापना को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
आधारभूत सुविधाओं का किया गहन निरीक्षण…..
विश्वविद्यालय की ओर से गठित समिति प्रो. एम. एम. जोशी की अध्यक्षता में कॉलेज पहुंची। निरीक्षण दल ने पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का बारीकी से परीक्षण किया। टीम ने कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था, संकाय सदस्यों की योग्यता और उपलब्ध मानव संसाधन की भी समीक्षा की। दस्तावेजों के सत्यापन और व्यवस्थाओं के परीक्षण के बाद समिति ने प्रस्तावित अध्ययन केंद्र को उपयुक्त बताते हुए शीघ्र स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के संकेत दिए।
स्थानीय युवाओं के लिए नई राह….
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने निरीक्षण दल का स्वागत करते हुए इसे हरिद्वार के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि शहर के मध्य स्थित कॉलेज में मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र खुलने से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा जो आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक कारणों से नियमित पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले पाते। उन्होंने कहा कि कामकाजी युवा, गृहिणियां और दूरदराज क्षेत्रों के छात्र अब घर के पास ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें अन्य शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
इसी सत्र से शुरू हो सकती है प्रवेश प्रक्रिया…..
निरीक्षण समिति की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद अब उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी और कॉलेज प्रशासन के बीच जल्द ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। औपचारिकताएं पूरी होते ही इसी शैक्षणिक सत्र से विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
निरीक्षण दल में ये रहे शामिल….
निरीक्षण दल में प्रो. एम. एम. जोशी के साथ बाह्य विशेषज्ञ प्रो. एच. सी. पुरोहित, सदस्य प्रो. अरविंद भट्ट, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. गौतमबीर और सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी शामिल रहे। हरिद्वार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल एक सकारात्मक बदलाव मानी जा रही है। स्थानीय विद्यार्थियों और अभिभावकों में इस निर्णय को लेकर उत्साह का माहौल है। यदि सब कुछ तय समय पर पूरा हुआ तो आने वाले सत्र से शहर के युवाओं को शिक्षा का एक नया और सुलभ विकल्प मिल जाएगा।



