“ईद के दिन फाटक बंदी से बढ़ी चिंता, हजारों लोग ईदगाह में कैसे अदा करने जाएंगे नमाज़, रास्ते का संकट..
रेलवे ने मरम्मत के चलते 21 मार्च को एक्कड़ फाटक बंद रखने का किया ऐलान, लोगों ने मरम्मत की तारीख बदलने की उठाई मांग..
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ईद-उल-फितर के दिन एक्कड़ रेलवे फाटक बंद रहने की सूचना से क्षेत्र के हजारों नमाजियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सराय गांव समेत आसपास के इलाकों के लोग असमंजस में हैं कि आखिर वे ईदगाह पहुंचकर नमाज कैसे अदा कर पाएंगे। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में लोग ईद की नमाज के लिए जाते हैं, ऐसे में फाटक बंदी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
कुंभ से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के तहत ज्वालापुर और एक्कड़ रेलवे फाटकों पर मरम्मत कार्य चल रहा है। इसी क्रम में 20 मार्च को ज्वालापुर फाटक और 21 मार्च को एक्कड़ फाटक पर काम प्रस्तावित है।
जारी सूचना के अनुसार, इन दोनों दिनों में संबंधित फाटक सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक पूरी तरह बंद रहेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और सुचारू आवागमन के लिए यह कार्य जरूरी है, लेकिन इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता दिख रहा है।
वैकल्पिक मार्ग बने सहारा, पर बढ़ेगी परेशानी…..
ज्वालापुर रेलवे फाटक अंडरपास और फ्लाईओवर को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन रास्तों से दूरी बढ़ेगी और भीड़-भाड़ के चलते समय पर ईदगाह पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
लोगों में नाराजगी, उठी बदलाव की मांग…..
स्थानीय निवासी हाजी कासिम अंसारी, मुकर्रम अंसारी, सलीम अहमद, इसरार अंसारी, शकील अहमद, रब्बानी अंसारी और इरशाद अहमद का कहना है कि ईद साल में एक बार आने वाला बड़ा त्योहार है। ऐसे में इस दिन फाटक बंद रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से ईदगाह जाते हैं, ऐसे में हजारों की संख्या में लोगों को दिक्कत होगी।
उन्होंने मांग की कि मरम्मत कार्य की तारीख बदली जाए या फिर ईद के दिन कुछ समय के लिए फाटक खोला जाए, ताकि नमाजियों को राहत मिल सके। साथ ही प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की गई है।
प्रशासन के सामने चुनौती…..
एक ओर कुंभ से पहले व्यवस्थाओं को ठीक करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर त्योहार पर लोगों की सुविधा भी अहम है। ऐसे में अब सभी की नजर इस पर है कि प्रशासन इस समस्या का क्या समाधान निकालता है।



