“आबकारी मुख्यालय पर सुराज सेवा दल का हल्लाबोल, नशे और अवैध लाइसेंसों के खिलाफ गरजा जनाक्रोश..
अनियमित पब-बार और शराब ठेकों के लाइसेंस निरस्त करने की उठाई मांग, कार्रवाई नहीं हुई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: प्रदेश में बढ़ते नशे और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में आज सुराज सेवा दल ने आबकारी मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पब, बार और शराब ठेकों के कथित अनियमित लाइसेंसों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने किया। इस दौरान सूरज सेवादल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नियमों को दरकिनार कर शराब, पब और बार के लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, जिससे नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है और युवा वर्ग इसकी गिरफ्त में आ रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, जो नियमों के विपरीत जारी किए गए हैं।
जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, आज नशे के बढ़ते कारोबार के कारण अपनी पहचान खोता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी तत्व प्रदेश में आकर पब, बार और शराब ठेकों के माध्यम से काले धन को सफेद करने में लगे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने आबकारी विभाग पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि योग्य अधिकारियों को दरकिनार कर निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी जा रही है और दबाव बनाकर अवैध कार्य कराए जा रहे हैं। देहरादून और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में अधिकारियों के स्थान पर निरीक्षकों द्वारा कार्यभार संभाले जाने से नशे पर नियंत्रण की व्यवस्था कमजोर पड़ गई है।
इसके अलावा, कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर शराब ठेके संचालित किए जाने और बिना पर्याप्त पार्किंग व अन्य मूलभूत सुविधाओं के पब-बार को लाइसेंस दिए जाने को नियमों की खुली अवहेलना बताया गया। सुमित अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो सुराज सेवा दल प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में महामंत्री देवेंद्र बिष्ट, प्रवक्ता वीरेंद्र पाल सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन सिंह सहित विजेंद्र, अमित अग्रवाल, सागर वर्मा, कुणाल, दिव्यांश बिष्ट, शिवम, नवीन, सुमित, राजेश थापा, मेहरबान, अरविंद यादव, मोनू, सैंडी, बाबू, इकराम, शहजाद, यश, कावेरी जोशी, पूजा नेगी, पूजा बिष्ट, रीमा शर्मा, संगीता, वसीला, शबनम, शबाना, राखी, गीता तोमर, रीमा राजपूत, गीता यादव और शिवानी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



