
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: रेलवे स्टेशन पर इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां साढ़े चार साल की मासूम बच्ची को एक युवक ने महिला शौचालय में बंद कर गलत इरादे से दबोच लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों ने दरवाजा तोड़कर उसे बचाया, आरोपी को पकड़ लिया लेकिन वह भाग निकलने में कामयाब हो गया, जिसके बाद जीआरपी हरिद्वार ने महज 14 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जीआरपी पुलिस कप्तान अरुणा भारती के कड़े निर्देशों पर पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक्शन लिया। रेलवे स्टेशन के टिकट घर परिसर में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर दिया, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया।
जीआरपी हरिद्वार इंस्पेक्टर बिपिन चन्द्र पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और जनता के सहयोग से फरार आरोपी को दबोच लिया। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी परिवार तीर्थ यात्रा के बाद हरिद्वार से लौट रहा था। इसी दौरान बच्ची शौचालय गई, जहां पहले से मौजूद आरोपी ने उसे अंदर बंद कर लिया। बच्ची की चीख सुनकर लोगों ने दरवाजा तोड़ा और उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ाया।
पुलिस ने आरोपी यश यादव (19 वर्ष) निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मौके पर फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य एकत्रित किए गए और आरोपी के कपड़ों को सील किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नशे की लत और अय्याशी करने लिए यात्रा सीजन में गलत इरादे से हरिद्वार आया था, जब उसने छोटी बच्ची को शौचालय में जाता देखा तो उसके मन मे गलत इरादा आ गया, लेकिन बच्ची के शोर मचाने पर उसका मंसूबा फेल हो गया, इसके साथ ही आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने की फिराक में भी था।
घटना का त्वरित खुलासा करने पर जीआरपी कप्तान अरुणा भारती ने पूरी टीम की सराहना करते हुए शाबाशी दी और भविष्य में भी इसी तरह सख्ती और तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर प्रीति कर्णवाल, अपर उप निरीक्षक श्याम दास, हेड कांस्टेबल हरीश पांडे, हेड कांस्टेबल विनेश पंवार, हेड कांस्टेबल राकेश दत्त, कांस्टेबल शमशेर अली, कांस्टेबल खलील शामिल रहे।



