
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: राजधानी दून में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। खुद को राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताकर नेताओं को झांसे में लेने वाला शातिर ठग आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। आरोपी बड़े-बड़े राजनीतिक नामों की आड़ में टिकट और पद दिलाने का झूठा सपना दिखाकर लाखों-करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहा था।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के सख्त निर्देश पर थाना राजपुर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना को जाखन क्षेत्र से दबोच लिया। पुलिस की सक्रियता और सटीक रणनीति के चलते आरोपी उस वक्त गिरफ्तार हुआ, जब वह एक और शिकार को फंसाने की फिराक में था।
मामला उस वक्त सामने आया जब महिला जनप्रतिनिधि भावना पांडे ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि “कनिष्क सिंह” नामक व्यक्ति ने खुद को राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता का निजी सचिव बताते हुए उन्हें उत्तराखंड में सर्वे और पार्टी में बड़ा पद दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में 25 लाख रुपये की मांग की गई और 13 अप्रैल को आरोपी के साथी ने उनके जाखन स्थित आवास से पूरी रकम ले ली। इसके बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी का असली नाम गौरव कुमार है, जो अमृतसर (पंजाब) का निवासी है। उसने गूगल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके करीबी लोगों की जानकारी जुटाई और फिर खुद को “कनिष्क सिंह” बताकर ट्रूकॉलर पर फर्जी पहचान बनाई। इसके बाद वह अपने तीन साथियों के साथ मिलकर देशभर में ठगी का जाल बिछाता रहा।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने 2017 में जयपुर में दो नेताओं से टिकट दिलाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये ठगे, जबकि 2025 में पटना में भी एक नेता से 3 लाख रुपये ऐंठे। इसके अलावा कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम देने की बात सामने आई है।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी उत्तराखंड में भी कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के संपर्क में था और उन्हें भी ठगने की साजिश रच रहा था। समय रहते गिरफ्तारी होने से एक बड़ी ठगी को टाल दिया गया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन और एक डोंगल बरामद किया गया है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।



