“प्रवक्ता परीक्षा तिथियों के टकराव पर बढ़ी नाराजगी, यूथ कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी..
9-10 मई को उत्तराखंड व यूपी परीक्षा एक साथ, हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: उत्तराखंड में प्रस्तावित प्रवक्ता मुख्य परीक्षा की तिथियों को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। 9 और 10 मई को निर्धारित परीक्षा की तिथियां उत्तर प्रदेश की प्रवक्ता परीक्षा से टकराने के कारण अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। इस मुद्दे को लेकर यूथ कांग्रेस, उत्तराखंड प्रदेश खुलकर सामने आ गई है और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) से तत्काल तिथि परिवर्तन की मांग की है।
सोमवार को यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव उत्कर्ष वालिया के नेतृत्व में आयोग को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि यूकेपीएससी ने 3 फरवरी को परीक्षा कैलेंडर जारी करते हुए इन तिथियों की घोषणा की थी, जबकि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज पहले ही 20 जनवरी को अपनी परीक्षा तिथियां घोषित कर चुका था। ऐसे में दोनों राज्यों की परीक्षाएं एक ही दिन आयोजित होना हजारों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने दोनों राज्यों की प्रवक्ता परीक्षा के लिए आवेदन किया है और लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं। तिथियों के टकराव के कारण उन्हें मजबूरन एक परीक्षा छोड़नी पड़ेगी, जिससे उनके करियर पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
यूथ कांग्रेस ने यह भी तर्क दिया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के परीक्षा केंद्रों के बीच लंबी दूरी और सीमित परिवहन साधनों के चलते एक ही दिन दोनों परीक्षाओं में शामिल होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में यह स्थिति युवाओं के अवसरों के साथ खिलवाड़ के समान है।
संगठन ने आयोग से मांग की है कि अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए परीक्षा तिथि में शीघ्र बदलाव किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अबरार अली, उज्जवल मानू, धनीराम शर्मा, प्रदीप कुमार, रवि कुमार, राकेश गुप्ता, तरुण, आशु श्रीवास्तव, वसीम सलमानी, हिमांशु सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



