
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: उत्तराखंड जल संस्थान का नाम लिखे ट्रैक्टर से अपशिष्ट जल को खुले नालों में प्रवाहित करने के मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से विभागीय वाहन होने का भ्रम पैदा कर अपशिष्ट जल का निस्तारण खुले नालों में कर रहा था। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड जल संस्थान, जोन-प्रथम भूपतवाला के अपर सहायक अभियंता ने कोतवाली नगर हरिद्वार में एक लिखित शिकायत देकर बताया कि एक ट्रैक्टर पर उत्तराखंड जल संस्थान का नाम अंकित कर अपशिष्ट जल को खुले नाले में प्रवाहित किया जा रहा है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है।
तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चौकी प्रभारी सप्तऋषि विक्रम सिंह बिष्ट ने पुलिस टीम के साथ जांच और तलाश शुरू की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संबंधित ट्रैक्टर और उसके चालक को पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम लाल सिंह पुत्र रोशन लाल निवासी ग्राम ब्रह्मपुर, रुड़की बताया। उसने बताया कि ट्रैक्टर का मालिक उसका भांजा था,
जिसकी पिछले वर्ष मृत्यु हो चुकी है। ट्रैक्टर पूर्व में शिवालिक नगर स्थित जल संस्थान में कार्यरत था, जिसके चलते उस पर “उत्तराखंड जल संस्थान” अंकित कराया गया था।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि मालिक की मृत्यु के बाद उसने ट्रैक्टर से विभाग का नाम नहीं हटवाया और उसी नाम का फायदा उठाकर निजी ठेकों पर अपशिष्ट जल का परिवहन करता रहा। उसने यह भी बताया कि वह कई बार अपशिष्ट जल को खुले नालों में डाल देता था,
जिससे लोगों को यह प्रतीत होता था कि कार्य जल संस्थान द्वारा कराया जा रहा है। पुलिस ने ट्रैक्टर को मुकदमे में दाखिल कर चौकी परिसर में सुरक्षित खड़ा करा दिया है। वहीं आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।



