हरिद्वार

“डीएम साहब…!! हरिद्वार में कैसे सफल होगा एसआईआर, सुस्त और लापरवाह बीएलओ कर रही बंटाधार..

कई वार्डों में ढूंढे नहीं मिल रही बीएलओ, कइयों को फॉर्म भरने का पता नहीं, लोग परेशान; क्या बीएलओ की लापरवाही से कटेंगे हजारों वोट.?

खबर को सुनें

पंच👊नामा ब्यूरो
हरिद्वार: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर चुनाव आयोग जहां पूरे प्रदेश में गंभीरता से काम कर रहा है, वहीं हरिद्वार में कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सुस्ती और लापरवाही इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है। हालात ऐसे हैं कि ज्वालापुर क्षेत्र के कई वार्डों में मतदाता अपने फॉर्म लेने और जमा करने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बीएलओ या तो उपलब्ध नहीं हैं या फिर प्रक्रिया को लेकर स्वयं ही अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड नंबर 36, वार्ड नंबर 40 समेत कई क्षेत्रों में अब तक बड़ी संख्या में मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म नहीं मिल सके हैं। जिन इलाकों में फॉर्म वितरित किए गए हैं, वहां भी उन्हें समय पर जमा नहीं कराया जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई बीएलओ मतदाताओं को यह तक नहीं बता पा रहे कि फॉर्म में क्या भरना है और कौन-कौन से दस्तावेज संलग्न करने हैं।हालांकि समस्या केवल ज्वालापुर के इन दो वार्डों तक सीमित नहीं है। हरिद्वार और रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अनेक वार्डों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। बल्कि आसपास देहात से भी ठंडे बस्ते में नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह बीएलओ क्षेत्र में दिखाई ही नहीं दे रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर फॉर्म वितरण और संग्रहण की प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। इससे मतदाताओं में भ्रम और असंतोष दोनों बढ़ रहे हैं।वार्ड नंबर 40 के पार्षद प्रतिनिधि व पूर्व दर्जाधारी हाजी नईम कुरैशी का कहना है कि क्षेत्र के लोग लगातार उनसे शिकायत कर रहे हैं। कई मतदाता फॉर्म लेने और जमा करने के लिए परेशान हैं, लेकिन संबंधित बीएलओ से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को कुछ कर्मचारियों की लापरवाही प्रभावित कर रही है।ज्वालापुर निवासी तस्लीम अहमद, अनिल कुमार, जितेंद्र और अन्य नागरिकों का कहना है कि आम जनता एसआईआर को लेकर जागरूक है और समय रहते अपनी औपचारिकताएं पूरी करना चाहती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों की उदासीनता के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो हजारों मतदाताओं के नाम सूची से प्रभावित हो सकते हैं और लोग अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।चिंता की बात यह है कि जहां एक ओर चुनाव आयोग मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर तैनात कुछ बीएलओ की कार्यशैली इस पूरे अभियान की सफलता पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। कई क्षेत्रों में लोग बीएलओ को ढूंढ रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बीएलओ स्वयं फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब फील्ड में तैनात कर्मचारी ही पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं हैं तो अभियान का लक्ष्य कैसे पूरा होगा।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनाव आयोग की मंशा पर कोई सवाल नहीं है। लोग स्वयं आगे बढ़कर अपने दस्तावेज उपलब्ध कराने और फॉर्म भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन कुछ लापरवाह कर्मचारियों के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं हो पाए तो इसका सीधा असर मतदाताओं के संवैधानिक अधिकार पर पड़ सकता है।अब लोगों की निगाहें जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी पर टिकी हैं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल स्थिति का संज्ञान लेते हुए वार्डवार समीक्षा करनी चाहिए। जिन बीएलओ को प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी नहीं है, उन्हें दोबारा प्रशिक्षण दिया जाए और जो कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए सक्षम कर्मचारियों की तैनाती की जाए।जनता का सवाल सीधा है—जब मतदाता अपना कर्तव्य निभाने को तैयार हैं तो फिर व्यवस्था की सुस्ती उनके मताधिकार पर संकट क्यों बन रही है? यदि समय रहते हालात नहीं सुधरे तो हरिद्वार में एसआईआर अभियान का उद्देश्य अधूरा रह सकता है और इसका खामियाजा हजारों मतदाताओं को भुगतना पड़ सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!