हरिद्वार

“सुराज सेवादल ने एचआरडीए पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जल्द बड़े आंदोलन की चेतावनी..

अध्यक्ष रमेश जोशी बोले, छोटे-छोटे घरों को सील कर रहा प्राधिकरण, गंगा किनारे कॉम्प्लेक्स, होटल के बड़े अवैध निर्माण पर चुप्पी..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; सुराज सेवादल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में छोटे और बड़े निर्माण कार्यों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो सुराज सेवादल व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा।रमेश जोशी ने कहा कि उन्हें लगातार लोगों से प्राधिकरण में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं। उनका आरोप है कि 400 से 500 वर्गफुट के छोटे मकानों का निर्माण करने वाले आम लोगों के भवनों को तत्काल सील कर दिया जाता है,जबकि दूसरी ओर गंगा किनारे बड़े स्तर पर बिना स्वीकृत नक्शे या घरेलू नक्शे के आधार पर होटल, कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक निर्माण धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।उन्होंने आरोप लगाया कि एचआरडीए की कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित है, जबकि प्रभावशाली कॉलोनाइजरों और बड़े निर्माणकर्ताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। इससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है और प्राधिकरण की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।रमेश जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति जनहित में गुमनाम शिकायत करता है तो उस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसकी पहचान उजागर कर दी जाती है। इसके बाद शिकायतकर्ता को कथित रूप से झूठे मुकदमों और ब्लैकमेलिंग जैसे आरोपों में फंसाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि गुप्त शिकायत का उद्देश्य केवल गलत कार्यों को रुकवाना और नियमों का पालन सुनिश्चित कराना होता है। यदि शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक हो रहा है तो इससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं।उन्होंने कहा कि सुराज सेवादल भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। संगठन जल्द ही पूरे मामले को लेकर रणनीति तैयार करेगा और एचआरडीए के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने शासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

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