“एसआईआर के नोटिसों से हड़कंप, ‘अन्य कारण’ वाले हजारों नोटिस बने ‘पहेली, बीएलओ खुद जांच के दायरे में..
अन्य कारण स्पष्ट न होने के कारण लोग क्या जवाब दें, जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं ने जिलाधिकारी से की मांग..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को ऐसे नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें कारण के स्थान पर केवल ‘अन्य कारण’ लिखा गया है। नोटिस में स्पष्ट कारण दर्ज न होने से मतदाता और बीएलओ दोनों असमंजस में है।
इधर से उधर भटकने के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं मिल पा रहा है कि नोटिस का अन्य कारण आखिर है क्या…? हैरानी की बात यह है कि एसआईआर प्रक्रिया में जुटे कई बीएलओ भी इस अन्य कारण की गड़बड़झाले की चपेट में हैं। बीएलओ को भी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
बीएलओ बेचारे खुद अपने नोटिस का कारण स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में वे दूसरों का मार्गदर्शन भी नहीं कर पा रहे हैं। कुल मिलाकर पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए है। जनप्रतिनिधियों और हजारों अन्य कारण नोटिस धारकों ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
हरिद्वार जिले में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है। अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में विसंगति मिलने पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, ताकि वे निर्धारित समय में अपना पक्ष रख सकें। बड़ी संख्या में ऐसे नोटिस सामने आए हैं जिनमें कारण के स्थान पर केवल ‘अन्य कारण’ अंकित कर दिया गया है।
आखिर यह ‘अन्य कारण’ क्या है, इसकी जानकारी न तो नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों को है और न ही अधिकांश बीएलओ व सुपरवाइजर स्पष्ट रूप से बता पा रहे हैं। इससे लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बनी हुई है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जानकारी मिली कि मतदाता सत्यापन का कार्य कर रहे कई बीएलओ को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए हैं।
कारण स्पष्ट न होने से बीएलओ भी मानसिक दबाव में हैं और उन्हें भी अलग-अलग कार्यालयों से जानकारी जुटानी पड़ रही है। उनका कहना है कि जब उन्हें ही कारण की जानकारी नहीं है तो आम मतदाताओं को क्या जवाब देंगे। नोटिस प्राप्त करने वाले लोग लगातार बीएलओ, सुपरवाइजर और निर्वाचन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
इससे एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। यदि नोटिस में कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए तो संबंधित व्यक्ति समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकता है। केवल ‘अन्य कारण’ लिखने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित से मांग की है कि ‘अन्य कारण’ वाले सभी नोटिसों के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही प्रत्येक नोटिस में वास्तविक कारण का उल्लेख सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदाताओं और बीएलओ को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।



