
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; ज्वेलर्स की रेकी कर बुजुर्ग कारोबारी को निशाना बनाने वाले तीन शातिर लुटेरों की चाल आखिरकार पुलिस की कड़ी पड़ताल के आगे फेल हो गई। शिवलोक कॉलोनी में बैग का पट्टा कैंची से काटकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को रानीपुर पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए चांदी के सिक्के, गाय की मूर्ति, पेंडल, एप्पल आईफोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ वारदात में इस्तेमाल की गई कैंची और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कांफ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 21 अगस्त की रात शिवलोक कॉलोनी फेज-3 निवासी प्रदीप कुमार शर्मा के साथ तीन अज्ञात बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। बदमाश स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से उनका पीछा करते हुए शिवलोक कॉलोनी तक पहुंचे और मौका पाकर उनका बैग लूटकर फरार हो गए। बैग में करीब 100 ग्राम चांदी के आभूषण, दुकान की चाबियां, एप्पल आईफोन, बीएचईएल मेडिकल कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। मामले में कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया।
इंस्पेक्टर मनोहर सिंह भण्डारी व सीआईयू प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पड़ताल शुरू की। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और लगातार की गई मशक्कत आखिरकार रंग लाई। 25 अगस्त को पुलिस टीम ने बीएचईएल के मटेरियल गेट के पास संदिग्ध स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को रोककर उस पर सवार तीन युवकों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रितिक उर्फ टोपो (22 वर्ष), निवासी खंजरपुर, मोदीनगर गाजियाबाद, सौरभ (19 वर्ष), निवासी टांडा साहूवाला, बढ़ापुर बिजनौर और राजीव सैनी उर्फ सागर (21 वर्ष), निवासी चांदपुर, थाना पथरी, हरिद्वार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कांवड़ मेले के दौरान उन्होंने बैरागी कैंप में दुकान लगाई थी। सामान खरीदने के लिए कनखल आने-जाने के दौरान उनकी नजर एक ज्वेलर्स पर पड़ी। आरोपियों ने उसके संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी और उसका पीछा किया। पुलिस के अनुसार 11 अगस्त को भी आरोपी वारदात की कोशिश कर चुके थे, लेकिन उस दिन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
इसके बाद 21 अगस्त को तीनों आरोपियों ने दोबारा ज्वेलर्स का पीछा किया और शिवलोक कॉलोनी पहुंचने पर वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि पहले कैंची से बैग के लटकाने वाले पट्टे को काटा गया और फिर बैग छीन लिया गया। पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ छीना-झपटी की और कैंची से वार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। वारदात के बाद आरोपी लूटा गया सामान लेकर जगजीतपुर स्थित राजा गार्डन में रितिक उर्फ टोपो के कमरे पर पहुंचे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कमरे की तलाशी ली, जहां से पांच सफेद धातु के सिक्के, सफेद धातु की गाय की एक मूर्ति, एक पेंडल, एप्पल मोबाइल फोन, प्रदीप कुमार शर्मा के आधार कार्ड की छायाप्रति, बीएचईएल मेडिकल हेल्थ कार्ड/बुकलेट व अन्य दस्तावेज, नीले रंग का बैग, वारदात में प्रयुक्त कैंची और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धाराओ की बढ़ोत्तरी की गई है। साथ ही आपराधिक षड्यंत्र के संबंध में धारा 3(5) बीएनएस भी बढ़ाई गई है। मामले के अन्य तथ्यों को लेकर पुलिस की विवेचना जारी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रितिक उर्फ टोपो का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सौरभ और राजीव सैनी उर्फ सागर के खिलाफ इस लूटकांड में कार्रवाई की गई है। तीनों आरोपियों को 26 अगस्त को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
लूटकांड के सफल खुलासे में कोतवाली रानीपुर प्रभारी निरीक्षक मनोहर भण्डारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नन्द किशोर ग्वाडी, उपनिरीक्षक मंदीप सिंह, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घड़ियाल, हेड कांस्टेबल जितेंद्र चौधरी, हेड कांस्टेबल बिमल सिंह, कांस्टेबल विवेक गुसाईं, कांस्टेबल प्रेम सिंह, कांस्टेबल उदय नेगी और कांस्टेबल चालक नीलय यादव शामिल रहे। वहीं सीआईयू टीम से निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट और कांस्टेबल वसीम ने भी डिजिटल साक्ष्य और संदिग्धों की पड़ताल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



