
पंच👊नामा
भगवानपुर; नशे में धुत एक युवक ने पुलिस को छकाने के लिए गोली चलाने और जानलेवा हमले की ऐसी झूठी कहानी गढ़ दी कि पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। लेकिन आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू हुई तो युवक की कहानी की परतें खुलती चली गईं। आखिरकार सख्ती से पूछताछ में युवक ने स्वीकार कर लिया कि रास्ते में हुई कहासुनी के बाद गुस्से में उसने डायल-112 पर झूठी सूचना दे दी थी।
भगवानपुर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की। पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि गागालेड़ी रोड पर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने कॉलर के ऊपर गोली चलाने का प्रयास किया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां कॉलर शुभम शर्मा पुत्र चंद्रमणि शर्मा, निवासी सम्राट कॉलोनी, थाना भगवानपुर मिला। पुलिस को युवक के नशे में होने का आभास हुआ।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही कॉलर के बयानों का उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया गया। जांच के दौरान शुभम शर्मा के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए, जिससे पुलिस का शक गहराता चला गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब पुलिस ने शुभम शर्मा से सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरी सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि वह गागालेड़ी रोड से अपने कमरे की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उससे रास्ता पूछा, जिसके बाद किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी बात से नाराज होकर उसने पुलिस को गोली चलाने की झूठी सूचना दे दी। पुलिस को गोली चलने और जानलेवा हमले की झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में शुभम शर्मा को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि पुलिस व आपातकालीन सेवाओं को किसी भी प्रकार की झूठी सूचना न दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की झूठी सूचनाएं न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि पुलिस संसाधनों का अनावश्यक इस्तेमाल होता है और वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचने में भी देरी हो सकती है।



