“पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी को लेकर गाली-गलौच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने किया पलटवार..
कथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को श्रीमहंत रविंद्र पुरी की दो टूक चेतावनी, मोदी-शाह और योगी का अपमान नहीं होगा बर्दाश्त..

पंच👊नामा-ब्यूरो
प्रयागराज: माघ मेला प्रयागराज की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई कथित गाली-गलौच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। अखाड़ा परिषद ने कथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि देश और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने प्रयागराज में बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने कहा कि किसी भी संत से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती और यह सनातन परंपरा के विरुद्ध है।
श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि माघ मेला प्रकरण में जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को दो टूक नसीहत देते हुए कहा कि वह मर्यादित भाषा का प्रयोग करें और इस प्रकरण की आड़ में शीर्ष नेतृत्व पर अनर्गल टिप्पणी से बचें। श्रीमहंत ने कहा कि संत समाज को संयम, धैर्य और मर्यादा का परिचय देना चाहिए।
श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीनों ही सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सनातन धर्म और संत समाज के हित में जितने कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में हुए हैं, उतने पहले कभी नहीं हुए।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने साफ किया कि सनातन परंपरा, संत समाज और राष्ट्र के नेतृत्व के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह की बयानबाजी का पुरजोर विरोध किया जाता रहेगा।



