अपराधहरिद्वार

“खेतों के बीच मिली थी लहूलुहान बुजुर्ग महिला, ब्लाइंड केस का ऐसा हुआ खुलासा, जिसने सबको चौंका दिया..

सीसीटीवी नहीं, गवाह नहीं... SSP भुल्लर के निर्देश पर 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी..

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पंच👊नामा
रूड़की: खेतों के बीच अचेत हालत में मिली बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमले के सनसनीखेज मामले का भगवानपुर पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने दस दिनों की कड़ी मशक्कत, मैनुअल पुलिसिंग और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे इस पूरी तरह ब्लाइंड केस का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। हैरानी की बात यह रही कि महज घास और दरांती न देने की नाराजगी में आरोपी ने बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतारने की नीयत से बेरहमी से पीटा और उसे मृत समझकर गन्ने के खेत में फेंककर फरार हो गया।एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के निर्देशन में मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया। बीती 23 मई को खुब्बनपुर लतीफपुर निवासी एक बुजुर्ग महिला गांव से दूर खेतों के बीच अचेत अवस्था में पड़ी मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल महिला को प्राथमिक उपचार दिलाकर गंभीर हालत में दून अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता के भतीजे संजय कुमार की तहरीर के आधार पर कोतवाली भगवानपुर में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम के सामने यह मामला किसी चुनौती से कम नहीं था। घटनास्थल खेतों के बीच होने के कारण न तो आसपास कोई घर था और न ही कोई सीसीटीवी कैमरा। ऐसे में पुलिस ने घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया तथा करीब 250 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। लगातार दस दिनों तक चली कड़ी मेहनत और सटीक पुलिस कार्रवाई के बाद 2 जून को पुलिस ने संदिग्ध रज्जाक पुत्र लालदीन निवासी खुब्बनपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही और स्वीकारोक्ति के बाद मुकदमे में सम्बंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रज्जाक कई बार मांगने के बावजूद पीड़िता से घास और दरांती नहीं मिलने से नाराज था। घटना वाले दिन वह मोटरसाइकिल से घर से निकला और भांग मलकर बीड़ी पीने के बाद गुस्से में आम के पेड़ के नीचे बैठी बुजुर्ग महिला के पास पहुंच गया। आरोपी ने पहले डंडे से हमला कर महिला को जमीन पर गिरा दिया और फिर मुक्कों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसके मुंह से खून निकलने लगा। महिला के शांत हो जाने पर आरोपी ने उसे मृत समझ लिया और गन्ने के खेत के बीच फेंककर मौके से फरार हो गया।इस सनसनीखेज मामले के सफल खुलासे में प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी, उपनिरीक्षक आशीष नेगी, उपनिरीक्षक नीरज रावत, उपनिरीक्षक सुनील पंत, मुख्य उपनिरीक्षक किरण गुसाईं, अपर उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान, हेड कांस्टेबल गीतम, कांस्टेबल राहुल कुमार, महिला पीआरडी रीना, कांस्टेबल उबैदउल्ला, कांस्टेबल सचिन यादव, कांस्टेबल हिमांशु चौधरी, कांस्टेबल विनय थपलियाल, महिला कांस्टेबल सोनम व महिला कांस्टेबल अनुपमा कर्णवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए इसे धैर्य, मेहनत और सटीक पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बताया।

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