“जश्न-ए-ख़ैरुल वरा की तैयारियों के बीच ‘AWN Foundation’ का गठन, नस्लों तक जारी रहेगी ख़िदमत की रिवायत..
अंजुमन की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प, औन फाउंडेशन के बैनर तले 'जश्न-ए-मिलाद' के सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा हुई तय..

पंच👊नामा
रुड़की। आगामी जश्न-ए-ख़ैरुल वरा (जश्न-ए-मिलाद) की तैयारियों के बीच धार्मिक, सामाजिक और इंसानी ख़िदमत के कार्यों को और अधिक संगठित व प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए “AWN Foundation” के गठन की घोषणा की गई। आयोजित बैठक में नई संस्था के गठन के साथ-साथ जश्न-ए-ख़ैरुल वरा के अंतर्गत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए अलग-अलग चीफ कॉर्डिनेटर और सब कॉर्डिनेटर भी नामित किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के जनरल सेक्रेटरी कुंवर शाहिद ने कहा कि पिछले लगभग छह वर्षों से अंजुमन ग़ुलामाने मुस्तफ़ा सोसाइटी के बैनर तले जश्न-ए-ख़ैरुल वरा के अवसर पर ब्लड डोनेशन कैंप, अस्पतालों में फल वितरण, महफ़िल-ए-समा व क़व्वाली, लंगर और विभिन्न समाजसेवी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहे हैं। इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य इंसानियत की ख़िदमत, हुज़ूर पुरनूर इमामुल अम्बिया प्यारे आका ﷺ का यौमे विलादत “जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी और अहले बैत की तालीम को आम करना जिसके जरिये समाज में भाईचारे और मोहब्बत का पैग़ाम देना रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व स्वर्गीय हाजी शादाब साबरी के इंतक़ाल और हाल ही में उनके वालिद के निधन के बाद यह महसूस हुआ कि व्यक्तियों से कहीं अधिक संस्थाएं स्थायी होती हैं, जो अपने मिशन को आने वाली नस्लों तक पहुंचाती हैं। इसी सोच के साथ नई पीढ़ी को दीनी और समाजसेवी गतिविधियों से जोड़ने व ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के मिशन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से “AWN Foundation” का गठन किया गया है।
कुंवर शाहिद ने स्पष्ट किया कि AWN Foundation किसी संस्था का विकल्प या प्रतिस्पर्धी मंच नहीं है, बल्कि समाज सेवा, मानव कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, दीनी गतिविधियों और ज़रूरतमंदों की सहायता के कार्यों को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने की एक सकारात्मक पहल है। बैठक में बताया गया कि विभिन्न नामों पर विचार-विमर्श के बाद “AWN Foundation” नाम सर्वसम्मति से चुना गया। अरबी शब्द “Awn (عون)” का अर्थ मदद, सहारा और सहायता होता है, जो संस्था के उद्देश्य—ख़िदमत-ए-ख़ल्क़, मानव सेवा और सामाजिक सहयोग—को पूरी तरह अभिव्यक्त करता है।
बैठक में जश्न-ए-ख़ैरुल वरा के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई और उनके सफल आयोजन के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं। मुकाबला-ए-नात-ए-पाक के लिए अमजद उस्मानी को चीफ कॉर्डिनेटर व आरिफ नियाज़ी को सब कॉर्डिनेटर बनाया गया। ब्लड डोनेशन कैंप के आयोजन की जिम्मेदारी अनस गाज़ी और मुनीर आलम को सौंपी गई, जबकि फ्रूट डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम के लिए शहज़ाद अहमद और मुनव्वर अली को नामित किया गया। जश्न-ए-मिलाद कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी आरिफ अली और कुंवर शाहिद को दी गई। वहीं ज़ियारत-ए-मू-ए-मुबारक कार्यक्रम के लिए गुड्डू साबरी और इनाम साबरी को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अतिरिक्त प्रचार-प्रसार एवं मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी पत्रकार रियाज़ कुरैशी, आरिफ नियाज़ी और परवेज़ आलम को दी गई।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि AWN Foundation भविष्य में धार्मिक, सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित करेगी और युवाओं को समाज सेवा और दीनी गतिविधियों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। सभी लोगों से संस्था को मज़बूत बनाने और इंसानियत की ख़िदमत के इस मिशन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का भी आह्वान किया गया। बैठक में आरिफ अली, मुमताज़ नक़वी, हैदर उर्फ़ आसिफ अली, रियाज़ कुरैशी, आरिफ नियाज़ी, गुड्डू साबरी, सलीम अली (पूर्व पार्षद पति), इनाम साबिर, अमजद उस्मानी, प्रवेज़ आलम, अनस गाज़ी, आसिफ अली, बिलाल ख़ान, मुनव्वर अली, मुनीर आलम, नसीम अहमद, राहिल अली, साहिल ख़ान, शान साबरी, वज़ीर अहमद, सैफ़ अली सहित अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।



