“हरिद्वार में सलीम वास्तिक के आने पर विवाद, धर्मशाला प्रबंधन ने कार्यक्रम रोका; एक्स मुस्लिम ने हरकी पैड़ी को लेकर दिया विवादित बयान..
कांवड़ मेले के बीच कौन बिगाड़ने का प्रयास कर रहा माहौल, ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई करे पुलिस प्रशासन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार में सलीम वास्तिक के पहुंचने और कथित संत राम विशाल दास की ओर से आयोजित किए जा रहे एक धार्मिक कार्यक्रम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। शहर की एक धर्मशाला में यज्ञ-अनुष्ठान प्रस्तावित था,
लेकिन माहौल बिगड़ने की आशंका जताते हुए धर्मशाला प्रबंधन ने राम विशाल दास और उनके साथ आए लोगों को परिसर से बाहर जाने के लिए कह दिया। प्रबंधन ने साफ किया कि धर्मशाला में ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होने दिया जाएगा जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो।
बताया जा रहा है कि खुद को पूर्व मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक और कुछ अन्य लोगों को राम विशाल दास ने हरिद्वार बुलाया था। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में सलीम वास्तिक ने कहा कि “अब हरकी पैड़ी पर धावा बोलेंगे, हरकी पैड़ी जनता की पैड़ी है।” उनके इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया तथा सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
उल्लेखनीय है कि सलीम वास्तिक का नाम दिल्ली के एक बहुचर्चित अपहरण और हत्या के मामले में सामने आ चुका है। आरोप है कि एक हिंदू व्यापारी के 13 वर्षीय पुत्र के अपहरण और हत्या के मामले में वह लंबे समय तक फरार रहा था।
कुछ समय पहले दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था और वर्तमान में वह जमानत पर बाहर है। ऐसे में कांवड़ मेले जैसे संवेदनशील अवसर पर उसके हरिद्वार पहुंचने को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन और कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे समय में किसी भी तरह के विवादित कार्यक्रम या भड़काऊ बयान से धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
वहीं, पुलिस और प्रशासन इस मामले को लेकर सक्रिय हो गया है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा कानून-व्यवस्था भंग करने, भड़काऊ भाषण देने या बिना अनुमति विवादित आयोजन करने के तथ्य सामने आते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल धर्मशाला में प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।



