
पंच👊नामा
रुड़की: लाखों के जेवरात चोरी करने वाले शातिर ने माल ठिकाने लगाने की गजब तरकीब निकाली। चोरी के गहने बेचने के बजाय उन्हें गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखकर 2.51 लाख रुपये का लोन ले लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत हरकत में आई मंगलौर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली के भजनपुरा स्थित गोल्ड लोन कंपनी से चोरी के शेष जेवरात बरामद कर लिए।
एसपी देहात अभय प्रताप सिंह ने बताया कि कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के ग्राम उदलहेड़ी में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी राहुल को तीन अक्टूबर को हिरासत में लिया था। उसके कब्जे से चोरी का कुछ सामान पहले ही बरामद हो गया था,
लेकिन शेष जेवरात का पता नहीं चल पाया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी के सोने के जेवरात दिल्ली के भजनपुरा स्थित कैपरी गोल्ड लोन शाखा में गिरवी रखे हैं। इन जेवरात के बदले उसने सात अगस्त को 2,51,200 रुपये का ऋण लिया था।
रिमांड पर आरोपी को लेकर दिल्ली पहुंची पुलिस….
इंस्पेक्टर मंगलौर भगवान मेहर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी का पुलिस कस्टडी रिमांड प्राप्त किया और उसकी निशानदेही पर जेवरात बरामद करने के लिए दिल्ली पहुंची। भजनपुरा स्थित कैपरी गोल्ड लोन शाखा से चोरी के शेष जेवरात बरामद किए। कंपनी के अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार बरामदगी की कार्रवाई पूरी की गई।
इस तरह पुलिस ने चोरी के माल की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की।
ये जेवरात हुए बरामद पुलिस ने पीली धातु की दो अंगूठियां, दो जोड़ी कानों के कुंडल, एक नथ, एक मांग टीका और एक चेन बरामद की है। चोरी का पूरा माल मिलने पर पीड़ित ने हरिद्वार पुलिस का आभार जताया। पुलिस टीम में ये रहे शामिल: उपनिरीक्षक सूरत शर्मा, कांस्टेबल तेजपाल, कांस्टेबल किशन देव राणा और होमगार्ड सचिन कुमार।



