“मिट्टी उठान प्रकरण में शासन की बड़ी कार्रवाई, जिला खनन अधिकारी कासिम रजा हटाए गए..
यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल रावत और वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट रविंद्र सिंह से अभद्रता का भी लगा था आरोप..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; मोतीचूर क्षेत्र में नाले की खुदाई से निकली मिट्टी के कथित अवैध उठान की शिकायत की जांच के दौरान हुए विवाद का शासन ने संज्ञान लेते हुए जिला खनन अधिकारी कासिम रजा को हरिद्वार से हटा दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशालय से अटैच कर दिया गया है। वहीं अमित गौरव को हरिद्वार के जिला खनन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
मामला उस समय चर्चा में आया था जब उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत ने आरोप लगाया कि मोतीचूर रेलवे स्टेशन के बाहर नाले की सफाई और खुदाई से निकली मिट्टी को बिना अनुमति एक निजी भूमि पर डाला जा रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत प्रशासन और संबंधित विभागों से की थी। शिकायत के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी कासिम रजा मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे।
बताया जाता है कि जांच के दौरान गोकुल सिंह रावत और जिला खनन अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मौके पर विवाद की स्थिति बनने के बाद मामला तूल पकड़ गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और जिला खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
विवाद के बीच वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट रविंद्र सिंह ने भी जिला खनन अधिकारी पर अभद्रता करने और उनका मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया। पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया। इसके बाद शासन स्तर पर पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया गया और जिला खनन अधिकारी कासिम रजा को हरिद्वार से हटाने का निर्णय लिया गया।
मिट्टी उठान की जांच अधूरी रहने के आरोप…..
हालांकि शासन की कार्रवाई के बावजूद मिट्टी उठान के मूल प्रकरण को लेकर सवाल बने हुए हैं। यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत का आरोप है कि पहले नाले की सफाई का ठेका दिया गया और बाद में आठ से दस फुट तक मिट्टी की खुदाई कर उसे मिलीभगत से दूसरी जगह ठिकाने लगा दिया गया। उनका कहना है कि केवल एक अधिकारी को हटाने से मामले का समाधान नहीं होगा।
रावत ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पहले राजाजी टाइगर रिजर्व और नगर निगम के अधिकारियों से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जिलाधिकारी के संज्ञान लेने पर खनन अधिकारी जांच के लिए पहुंचे, लेकिन जांच के दौरान भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
रावत का दावा है कि जिस आश्रम परिसर में मिट्टी डाली गई थी, वहां अब मिट्टी के ढेर को समतल कर दिया गया है, जिससे साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा अवैध रूप से मिट्टी उठाने, परिवहन करने और उसे ठिकाने लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
अमित गौरव ने संभाला कार्यभार…..
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्टि करते हुए बताया कि जिला खनन अधिकारी कासिम रजा को हरिद्वार से हटाकर निदेशालय से अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह अमित गौरव ने पदभार ग्रहण कर लिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मिट्टी उठान प्रकरण की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।



