उत्तराखंड

“कर्णप्रयाग गुरुद्वारा विवाद में पुलिस मुख्यालय का एक्शन; दोनों मुकदमों की जांच हरिद्वार ट्रांसफर..

घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर दर्ज हुई FIR, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की निगरानी में होगी विवेचना..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद उठे सवालों के बीच पुलिस मुख्यालय ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दोनों मामलों की विवेचना चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित कर दी गई है। वहीं, स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच अब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करेंगे। इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बीती 16 जून को जनपद चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यक्तियों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में थाना कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आईजी गढ़वाल रेंज की संस्तुति पर पुलिस मुख्यालय स्तर से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।घटना में घायल हुए सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर उनके साथ कथित मारपीट करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थाना कर्णप्रयाग में एक अन्य एफआईआर भी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय ने दोनों मुकदमों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी विवेचना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जांच चमोली से हरिद्वार जनपद स्थानांतरित कर दी है। इन मामलों की विवेचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निकट पर्यवेक्षण में कराई जाएगी।इसके अलावा विभिन्न सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच की जिम्मेदारी डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी गई है। उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अत्यंत पवित्र यात्रा है, जिसे पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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