“अर्धकुंभ के सैकड़ों करोड़ के निर्माण कार्यों के बीच यूपी के अभियंता की एचआरडीए में पैराशूट लैंडिंग पर उठे सवाल..
राजन सिंह की तैनाती पर मुखर हुआ सुराज सेवा दल, सरकार को अल्टीमेटम, 4 अक्टूबर तक हटाकर उत्तराखंड मूल के अभियंता को जिम्मेदारी न दी एचआरडीए में होगा आंदोलन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; अर्धकुंभ के सैकड़ों करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों के बीच हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) में उत्तर प्रदेश से प्रतिनियुक्ति पर आए अभियंता राजन सिंह को अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। सुराज सेवा दल ने तैनाती की प्रक्रिया और नियमों पर सवाल उठाते हुए सरकार से राजन सिंह को हटाकर उनकी जगह उत्तराखंड मूल के अभियंता को जिम्मेदारी देने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने चेतावनी दी कि चार अक्टूबर तक राजन सिंह को हटाकर स्थानीय अभियंता की तैनाती नहीं की गई तो एचआरडीए में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अर्धकुंभ के सैकड़ों करोड़ के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी संभालने के लिए आखिर उत्तराखंड में ऐसा कौन सा संकट आ गया कि यूपी से अभियंता बुलाकर प्राधिकरण की कमान सौंपनी पड़ी?
जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन प्रदेशवासियों के बेहतर भविष्य, युवाओं को रोजगार और पारदर्शी शासन की उम्मीद के साथ हुआ था। लेकिन आज महत्वपूर्ण पदों पर होने वाली तैनातियां ही सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन व्यवस्था में ऐसे फैसले सामने आ रहे हैं, जिन पर जवाब मांगना जरूरी है।
55 वर्ष की उम्र के नियम पर सवाल….
सुराज सेवा दल ने राजन सिंह की प्रतिनियुक्ति में उम्र संबंधी नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। जोशी का दावा है कि 55 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को प्रतिनियुक्ति पर लाने को लेकर स्पष्ट नियम हैं और इसके बावजूद राजन सिंह को उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड बुलाया गया। उन्होंने सरकार से प्रतिनियुक्ति आदेश और संबंधित नियम सार्वजनिक करने की मांग की।
‘उत्तराखंड में अभियंताओं का टोटा पड़ गया..?’
जोशी ने सवाल किया कि उत्तराखंड में अनुभवी अभियंताओं की कमी नहीं है, फिर यूपी से अधिकारी बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी? अर्धकुंभ के सैकड़ों करोड़ के निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए स्थानीय अभियंता को जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई? उन्होंने पूछा कि राजन सिंह में ऐसी कौन सी विशेष योग्यता है, जिसके चलते उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुलाकर एचआरडीए की कमान दी गई।
पूर्व रिकॉर्डस को लेकर भी सवाल….
संगठन ने राजन सिंह के पूर्व कार्य अनुभव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पूछा कि नियुक्ति से पहले अधिकारी के पूर्व रिकॉर्ड की जांच हुई या नहीं। जोशी ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राजन सिंह को किस आधार पर लाया गया और उन्हें जिम्मेदारी देने का निर्णय किस स्तर पर हुआ। उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ के निर्माण कार्यों में जनता का पैसा खर्च होना है, इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि चार अक्टूबर तक राजन सिंह को हटाकर उत्तराखंड मूल के अभियंता को जिम्मेदारी नहीं दी गई तो एचआरडीए में आंदोलन शुरू किया जाएगा।



