“दून अस्पताल में उपचार नहीं मिलने पर भड़का सुराज सेवादल, स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर पहुंचे कार्यकर्ता..
"स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास पर पहुंचे कार्यकर्ता, सुरक्षा कर्मियों से हुई कहासुनी; रमेश जोशी बोले- मंत्री बेलगाम..

पंच👊नामा
देहरादून: दून अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिलने के आरोपों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश बढ़ा दिया है। सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को यदि उपचार के लिए भटकना पड़े तो आखिर इन व्यवस्थाओं का लाभ किसे मिल रहा है? इसी सवाल को लेकर सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।
संगठन के अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास पर जा पहुंचे। यहां सुरक्षा कर्मियों से उनकी कहासुनी भी हुई। बाद में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
सुराज सेवादल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवा भी आम आदमी को आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सरकारी अस्पतालों में उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को यदि राहत नहीं मिलती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य मंत्री व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सफल क्यों नहीं हो पा रहे हैं?
ट्रेनी डॉक्टरों के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था, रेफर सेंटर बनकर रह गए सरकारी अस्पताल…..
रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि पूरा प्रदेश ट्रेनी डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है। सरकारी अस्पतालों की स्थिति ऐसी हो गई है कि मरीजों को यहां भी समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। बेहतर इलाज के लिए मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी अस्पतालों में ही मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा तो आम आदमी आखिर कहां जाए? सरकारी अस्पताल यदि मरीजों को इलाज देने के बजाय रेफर सेंटर बनकर रह जाएंगे तो जरूरतमंद लोगों को राहत कैसे मिलेगी?
जोशी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए ठोस कदम उठते नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि स्वास्थ्य मंत्री व्यवस्थाओं में सुधार क्यों नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की स्थिति में नहीं हैं तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्वयं इस मामले में जवाब देना चाहिए।
मंत्रियों और आला अधिकारियों के आवास घेरने की चेतावनी….
रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और मंत्री बेलगाम हैं। जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सुराज सेवादल अब इस मामले में बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। इसके तहत मंत्रियों के आवासों का घेराव किया जाएगा। साथ ही जनता के बीच जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और जिम्मेदार लोगों की कार्यप्रणाली को उजागर किया जाएगा।
दून अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिलने के आरोपों से शुरू हुआ विरोध अब प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को राहत कब मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जिम्मेदार अधिकारी व सरकार कब ठोस कदम उठाएंगे?



