“जो सरकार दरगाहों को तोड़ने का काम करती है, वो दरगाहों में विकास क्यों कराएगी.! “जलभराव पर फूटा विधायक हाजी फुरकान अहमद का गुस्सा..
डीएम से लेकर सीएम तक कई बार कर चुके पत्राचार, "ना खुद विकास कार्य करते है, न किसी को करने देते है, दरगाह कार्यालय पर विधायक का बड़ा आरोप..

पंच👊नामा
पिरान कलियर: बरसात की पहली ही तेज बारिश ने पिरान कलियर की व्यवस्थाओं की ऐसी पोल खोली कि विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अली अहमद साबिर पाक का परिसर तालाब में तब्दील हो गया। पानी निकासी के दावों की हकीकत बहते पानी के साथ सामने आ गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ऐसा सियासी हमला बोला, जिसने स्थानीय राजनीति का पारा भी चढ़ा दिया। विधायक ने दो टूक कहा—”जो सरकार दरगाहों को तोड़ने का काम करती हो, वह दरगाहों का विकास क्यों कराएगी?”
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के चलते पिरान कलियर क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इसका सबसे गंभीर असर विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अली अहमद साबिर पाक पर देखने को मिला, जहां दरगाह परिसर में बारिश का पानी भर जाने से पूरा परिसर तालाब जैसा नजर आया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर पानी को दरगाह के मुख्य स्थान तक पहुंचने से रोकने का प्रयास किया।
यह पहला मौका नहीं है जब दरगाह में जलभराव हुआ हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी स्थिति बन चुकी है। हर बार अधिकारियों के आश्वासन मिले, समाधान के दावे हुए, लेकिन नतीजा वही रहा—”ढाक के तीन पात। “शुक्रवार को कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद दरगाह कार्यालय पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह वर्षों से इस समस्या को लेकर डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार मुलाकात कर चुके हैं और लगातार पत्राचार भी किया है, लेकिन सरकार ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि रुड़की साबरी सराय रेलवे स्टेशन स्थित मस्जिद, दरगाह इमाम साहब की मस्जिद व दरगाह साबिर पाक की मस्जिद समेत चार मस्जिदों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए भी उन्होंने शासन और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भेजे हैं, लेकिन फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं।
विधायक ने दरगाह कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जब भी कोई व्यक्ति या संस्था मस्जिदों में विकास कार्य कराना चाहती है तो उससे कमीशन मांगा जाता है।
उन्होंने दावा किया कि पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने दरगाह कर्मचारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “ये लोग सिर्फ फाइलें घुमाने का काम जानते हैं, जनता की समस्याओं से इनका कोई लेना-देना नहीं है।
हाजी फुरकान अहमद ने कहा कि दरगाह के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी विकास कार्य कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है।कटाक्ष करते हुए विधायक ने कहा, “जो सरकार दरगाहों को तोड़ती हो, वह दरगाहों का विकास क्यों कराएगी?
“विधायक ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और तहसीलदार/दरगाह प्रबंधक से भी बातचीत की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जल निकासी से संबंधित कार्य का टेंडर नगर पंचायत पिरान कलियर को दिया गया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा, या फिर हर साल की तरह जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? इस दौरान विधायक प्रतिनिधि इस्तेखार प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष परवेज मलिक, सलीम पीरजी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



