
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार/रुड़की: देवभूमि हरिद्वार में आस्था के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने और भ्रमित करने वाले ढोंगी बाबाओं के खिलाफ पुलिस का “ऑपरेशन प्रहार” लगातार तेज होता जा रहा है।
रविवार को जिले के अलग-अलग कोतवाली क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने कुल 22 संदिग्ध बाबा/तांत्रिक भेषधारियों को हिरासत में लेकर बड़ी कार्रवाई की। ये सभी साधु-संतों का वेश धारण कर खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को उनकी घरेलू व व्यक्तिगत समस्याओं का झूठा समाधान बताकर गुमराह कर रहे थे और अनुचित लाभ उठा रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में कोतवाली नगर हरिद्वार और कोतवाली पिरान कलियर पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर ढोंगियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया।
कोतवाली नगर हरिद्वार:10 ढोंगी बाबा गिरफ्तार….
कोतवाली नगर क्षेत्र में शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रोड़ीबेलवाला घाट एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी गई जो साधु-संतों का भेष धारण कर श्रद्धालुओं को झांसे में लेते हैं।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने 10 ऐसे ढोंगी बाबाओं को चिन्हित किया, जो लोगों को झूठे तांत्रिक उपाय, ग्रह दोष निवारण और घरेलू समस्याओं के समाधान का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने सभी को मौके से हिरासत में लेकर कार्रवाई की।
हिरासत में लिए गए नाम कालनेमि….
रामवतार उर्फ बब्लू पुत्र मुन्ना लाल प्रजापति (बरेली), राजू गिरि पुत्र अमरनाथ गिरि (हरिद्वार), दिलबाग पुत्र प्रेम (पानीपत), भगवान दास पुत्र भोला (प्रतापगढ़), चमन सिंह अहिरवार पुत्र श्यामलाल (मध्यप्रदेश), रामचन्द्र सिद्धू (बिहार), सरदा गिरि पुत्र महन्त राजगिरि (पौड़ी गढ़वाल), शीतल नाथ, विनय, आंचलनाथ (तीनों हरिद्वार निवासी) पुलिस के अनुसार, सभी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
कोतवाली पिरान कलियर क्षेत्र में सख्ती, 12 बहुरुपिए पकड़े…..
वहीं, कोतवाली पिरान कलियर क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी के नेतृत्व में दरगाह शरीफ और आसपास के इलाकों में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान दरगाह परिसर के आसपास स्थित सराय, रैन बसेरों और अस्थायी टीन शेडों में सघन चेकिंग की गई।
अभियान के दौरान 12 संदिग्ध ढोंगी/तांत्रिक/बाबा भेषधारियों को चिन्हित कर हिरासत में लिया गया। ये सभी अलग-अलग राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से आकर यहां डेरा जमाए हुए थे और श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 172(2) BNSS के तहत कार्रवाई करते हुए पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर लोगों से पैसे ऐंठने का काम करते थे। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी, उपनिरीक्षक विनोद कुमार गोला, हेडकांस्टेबल रविन्द्र बालियान, हेडकांस्टेबल जमशेद अली, कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह, कांस्टेबल सुनील चौहान, कांस्टेबल प्रकाश मनराल, कांस्टेबल सुबोध पुरोहित शामिल रहे।
“ढोंग और पाखंड बर्दाश्त नहीं”: पुलिस का कड़ा संदेश….
हरिद्वार पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि देवभूमि में आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार का पाखंड, ठगी या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन से अपील की गई है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत आगे भी ऐसे ढोंगी बाबाओं और बहरूपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रह सके और धर्म की नगरी की गरिमा बनी रहे।



