“नगर निगम घोटाले में फिर उठा बड़ा सवाल, मुख्य सचिव के दरबार पहुंचा सुराज सेवा दल..
आईएएस-पीसीएस पर गिरी गाज, लेकिन कानूनगो पर क्यों मेहरबानी.? निष्पक्ष जांच की मांग, प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: नगर निगम घोटाले में कार्रवाई के नाम पर बड़े अधिकारियों पर गाज गिरने और निचले स्तर के जिम्मेदार कर्मचारियों पर नरमी बरते जाने के आरोपों के बीच सुराज सेवा दल ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात कर मामले में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने मुख्य सचिव को बताया कि नगर निगम घोटाले में एक ही दिन में कानूनगो और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया, जबकि अन्य कर्मचारियों को केवल स्थानांतरित अथवा संबद्ध कर मामले को सीमित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई, उसके विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जबकि उसके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं।
प्रदेश महामंत्री देवेंद्र बिष्ट ने हरिद्वार में सामने आए एक कथित भूमि घोटाले का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुरली नामक व्यक्ति की भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया। आरोप है कि मूलचंद नामक व्यक्ति को मुरली बताकर रजिस्ट्री कराई गई और तत्कालीन लेखपाल रमेश ने बिना समुचित जांच के सत्यापन करते हुए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर दी।
संगठन ने मांग की कि कानूनगो रमेश द्वारा किए गए सभी दाखिल-खारिज मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा भूमि माफियाओं और उनसे जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही संबंधित कानूनगो को तत्काल निलंबित करने की मांग भी उठाई गई है। रमेश जोशी ने कहा कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो सुराज सेवा दल पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


